झांसी। बुंदेलखंड के लोगों की प्यास बुझाने के लिए सरकार द्वारा तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिसकी लगातार मॉनीटरिंग भी की जा रही है। जिससे योजनाओं को तय समय में पूरा किया जा सके। इसमें से एक अमृत 2.0 योजना है। जिसके तहत झांसी में 160 करोड़ और ललितपुर में 95 करोड़ की लागत से पानी पहुंचाने की योजनाओं पर काम कराया जाएगा। शासन द्वारा जल निगम की शहरी इकाई को दस सितंबर तक अमृत 2.0 योजना की डीपीआर तैयार कर दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
दरअसल, किसी भी योजना को धरातल पर उतारने से पहले योजना की लागत, क्षेत्रफल आदि का सर्वे कराया जाता है। प्रदेश के कई जिलों में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें जल निगम के कर्मचारियाें द्वारा घर बैठे ही सर्वे कराकर डीपीआर तैयार कर दी गई है। जिससे अंतिम छोर तक लोगाें को इसका लाभ नहीं मिल पाता है। ऐसे मामलों में रोक लगाने के लिए संयुक्त सचिव कल्याण बनर्जी ने जल निगम के अधिकारियों को अमृत 2.0 योजना का वास्तविक सर्वे कराकर दस सितंबर तक डीपीआर दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। जिससे योजनाओं को धरातल पर लाया जा सके।
शासन द्वारा पेयजल संबंधी सभी योजनाओं की लगातार मॉनीटरिंग की जाती है। शासन से जल्द से जल्द डीपीआर तैयार कराकर सबमिट करने के निर्देश मिले हैं। इसके लिए तेजी से काम किया जा रहा है, तय समय पर डीपीआर तैयार कर सबमिट कर दी जाएगी।