प्रधानाचार्य भी स्थायी नहीं, शिक्षण व्यवस्था बुरी तरह से है प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
गरौठा। खड़ौरा स्थित राजकीय इंटर कॉलेज तीन प्राइवेट शिक्षकों के भरोसे संचालित हो रहा है। विद्यालय में स्थायी प्रधानाचार्य भी नहीं है। इस स्थिति में विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित बनी हुई है।
साल 2015 में ग्राम खड़ौरा में राजकीय इंटर कॉलेज का निर्माण किया गया था। तब आसपास के क्षेत्र के लोगों को नजदीक में ही बच्चों को अच्छी शिक्षा हासिल होने की उम्मीद जगी थी। लेकिन, ग्रामीणों की यह आस परवान नहीं चढ़ पाई। बच्चे यहां पढ़ने के लिए लगातार पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए शिक्षकों का अभाव बना हुआ है। पिछले सत्र में यहां विद्यार्थियों की संख्या 135 थी। जबकि, 2026-27 शिक्षण सत्र में यहां 150 बच्चे प्रवेश लिए हुए हैं। विद्यालय के भवन में कॉन्फ्रेंस हॉल सहित अन्य व्यवस्थाएं मौजूद हैं। इसके चलते इसे बोर्ड परीक्षा केंद्र भी बनाया गया था। इसके बावजूद, यहां स्थायी रूप से शिक्षकों की तैनाती नहीं की गई।तीन प्राइवेट शिक्षकों के भरोसे विद्यालय का संचालन किया जा रहा है। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य का प्रभार राजकीय हाईस्कूल कटेरा में कार्यरत हेम कुमार के पास है।
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शासन स्तर पर शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। शिक्षक मिलते ही उन्हें राजकीय इंटर कॉलेज खड़ौरा में तैनाती कर दी जाएगी। - रति वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक