झांसी। रेलवे स्टेशन से सोमवार की रात दो और श्रमिक एक्सप्रेस का गोरखपुर के लिए संचालन किया गया। इन ट्रेनों से झांसी बॉर्डर पर फंसे दो हजार से अधिक मजदूरों को भेजा गया। ट्रेन में बिठाने से पहले मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई।
जिला प्रशासन द्वारा दूसरे राज्यों से आए मजदूर व कामगारों को बॉर्डर पर रोका गया है। सोमवार की रात 8.30 बजे और 11.30 बजे से झांसी से गोरखपुर के लिए दो अलग- अलग श्रमिक एक्सप्रेस का संचालन किया गया। इन ट्रेनों से गोरखपुर परिक्षेत्र में रहने वाले दो हजार से अधिक मजदूरों को रवाना कर दिया गया। इसमें अंबेडकर नगर , अमेठी, आजमगढ़ , बहराइच , बस्ती , देवरिया , गोंडा , गोरखपुर , जौनपुर, कुशीनगर, महाराज गंज, संतकबीर नगर , श्रावस्ती व सिद्धार्थ नगर के लोग शामिल थे। ट्रेन रवाना होने के दो घंटे पहले सभी को रेलवे स्टेशन लाया गया। बाद में उक्त लोगों को ट्रेन में लगे 12 जनरल व आठ स्लीपर कोच में सोशल डिस्टेंसिंग के हिसाब से बैठाया गया। इन ट्रेनों को कानपुर सेंट्रल, लखनऊ जंक्शन, बाराबंकी, गोंडा स्टेशनों पर ठहराव दिया गया। ये ट्रेनें 564 किलोमीटर का सफर 10 घंटे 30 मिनट में पूरा करेगी। इसके पूर्व तीन श्रमिक एक्सप्रेस झांसी से गोरखपुर के लिए भेजी जा चुकी है।
झांसी व ग्वालियर में उतरे 3636 मजदूर
सोमवार को झांसी होकर कानपुर, गोरखपुर, बांदा और ग्वालियर के लिए 15 श्रमिक ट्रेनें गुजरीं। इनमें झांसी व ग्वालियर स्टेशन पर 3636 श्रमिक उतरे, जिनको बसों से उनके घर तक पहुंचाने का काम किया जाएगा। श्रमिक विशेष ट्रेनों का परिचालन प्रतिदिन बढ़ाया जा रहा है। साथ ही रेलवे ने अब देश में रेल नेटवर्क से जुड़े सभी जिलोंसे श्रमिक विशेष ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। संशोधित योजना के तहत संबंधित जिला कलेक्टर फंसे हुए मजदूरों और गंतव्य की एक सूची तैयार करेंगे और इसे राज्य नोडल अधिकारी के माध्यम से रेलवे को प्रेषित किया जाएगा। अधिक श्रमिक विशेष ट्रेनें चलाने की आवश्यकता को पूरा करने के लिए उत्तर मध्य रेलवे ने अतिरिक्त कोचिंग रेक की व्यवस्था की है।