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रोजाना 50 हजार से ज्यादा बिक रहीं पानी की टिकिया

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पानी की टिकिया - फोटो : REPORTERS
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झांसी। लॉकडाउन के दौरान लोगों का गोलगप्पे (पानी की टिकिया) खाने का शौक कम नहीं हो रहा है। यही कारण है कि गोलगप्पों की ब्रिकी में कमी नहीं आई है। मांग इतनी अधिक है कि गोलगप्पे बनाने वालों को फुर्सत नहीं मिल पा रही है। थोक में 70 में 100 गोलगप्पे मिल रहे हैं। दुकानदार भी गलियों से होकर होम डिलेवरी कर रहे हैं। प्रतिदिन 50 हजार से अधिक गोलगप्पे शहर में बिक रहे हैं।
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लॉकडाउन में चाट- समोसों की दुकानें बंद हैं। ये दुकानें खुलीं होने पर सबसे ज्यादा लोग गोलगप्पे खाना पसंद करते हैं। हमेशा बच्चों और महिलाओं के गोलगप्पे खाना पहली पसंद रहते हैं। लॉकडाउन में लोग जरूर घर रहकर विभिन्न प्रकार के भोजन का स्वाद ले रहे हैं। लेकिन गोलगप्पे पीने की हसरत उनकी खरीद कर ही पूरी हो रही है।
दरअसल, गोलगप्पे बनाना हर किसी को नहीं आता है। ये काम वे ही कर सकते हैं जो इसे लगातार कर रहे हैं। शहर, सीपरी बाजार और प्रेमनगर में करीब सौ से अधिक परिवार हैं, जो गोलगप्पे बनाकर अपना जीवनयापन कर रहे हैं। लॉकडाउन में भी उनका धंधा बंद नहीं हुआ है। उनको प्रतिदिन ज्यादा से ज्यादा गोलगप्पे बनाने के ऑर्डर मिल रहे हैं। उनके पास से या तो आसपास के मुहल्ले या कॉलोनी वाले या नियमित दुकानदार। दुकानदारोें ने अपने मोबाइल नंबर लोगों को दे रखे हैं। दुकानदार गोलगप्पे व पानी का मसाला बनाकर होम डिलेवरी (घर- घर पहुंचाने का काम) करते हैं।
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