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गज पर विराजमान होकर आएंगी मां दुर्गा
झांसी। मां दुर्गा की भक्ति का पर्व शारदीय नवरात्र 29 सितंबर से शुरू हो जाएंगे। इस बार मां दुर्गा कैलाश पर्वत से हाथी पर विराजमान होकर आएगी। ऐसे में साल भर देश में खुशहाली रहेगी। फसलें अच्छी होगी। वहीं नवरात्र पर दुर्गा प्रतिमाओं को विराजमान के लिए पंडाल लगने शुरू हो गए है।
सनातन धर्म में शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की आराधना घर - घर की जाती है। श्रद्धालु घट स्थापना एवं पूजन कर मां के विभिन्न स्वरूपों की पूजा और व्रत धारण कर अनुष्ठान करते हैं। इस बार मां दुर्गा की आराधना भक्त पूरे नौ दिन करेंगे। उनका आगमन रविवार को सर्वार्थ सिद्धि योग और हस्त नक्षत्र में होगा। पंडित शांतनू पांडेय के अनुसार इस बार माता का वाहन हाथी है, जो शुभ होगा। उनके अनुसार मां दुर्गा की कृपा प्राप्ति के लिए शुभ मुहूर्त में घट स्थापना एवं पूजा करना होता है। नवरात्र के पहले दिन घट स्थापना एवं पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 16 मिनट से सुबह 7 बजकर 24 मिनट तक है और इसके बाद दोपहर 11 बजकर 48 मिनट से दोपहर 12 बजकर 34 मिनट तक रहेगा।
बंगाली समाज जुटा दुर्गा उत्सव की तैयारियों में
महानगर के बंगाली समाज ने भी दुर्गा उत्सव के लिए तैयारियां तेज कर ली है। शहर कालीबाड़ी में बांधव समिति के तत्वावधान में दुर्गा पूजा उत्सव 3 अक्तूबर से प्रारंभ होगा। समिति के सचिव अजीत रॉय ने बताया कि 3 अक्तूबर को घ स्थापना पूजा होगी। चार अक्तूबर को मां दुर्गा की प्रतिमा विराजमान होगी और प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। आरती शाम 7:30 बजे से होगी। इधर सीपरी कालीबाड़ी समिति के सचिव प्रियांशु डे ने बताया कि कालीबाड़ी में चार अक्तूबर को कलश स्थापना एवं प्रतिमा विराजमान की जाएगी। आरती शाम 7:30 बजे से होगी।