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जीआईएस सर्वे: किसी का बढ़ गया क्षेत्रफल, किसी का बदल गया वार्ड

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- नगर निगम में अब तक 1681 लोगों ने दर्ज कराईं आपत्तियां
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नगर निगम द्वारा कराए गए जीआईएस सर्वे के बाद अब तक 1681 लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं। किसी ने भूमि का क्षेत्रफल बढ़ा देने तो किसी ने वार्ड का नाम बदल जाने को लेकर आपत्ति जताई है। इसमें से 970 लोगों की आपत्तियाें का निस्तारण भी कर दिया गया है।
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नगर निगम ने भौगोलिक सूचना प्रणाली यानी जीआईएस की मदद से शहर के सभी भवनों की डिजिटल मैपिंग कराई है। बताया गया कि इससे पहले कर निरीक्षक की गणना के आधार पर गृहकर लगता था। एक बार भवन का वार्षिक मूल्यांकन तय होने के बाद उसका पुनरीक्षण नहीं होता था। जबकि, मकान दो से तीन मंजिल बन जाता है। इससे निगम को आय में नुकसान होता है। इसको मद्देनजर रखते हुए जीआईएस सर्वे कराया गया। सर्वे के बाद महानगर में गृहकर के दायरे में आने वाले भवनों की संख्या करीब 2.25 लाख हो गई है। इससे पहले नगर निगम 1.38 लाख भवनों से गृहकर वसूलता था। वहीं, सर्वे के बाद अब तक 1681 लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई है। इसमें 480 लोग ऐसे हैं, जिनकी भूमि का क्षेत्रफल ज्यादा बता दिया गया। इससे उनका गृहकर भी बढ़कर आने लगा। वहीं, किसी ने भवन स्वामी का नाम गलत होने, किसी ने वार्ड बदल जाने, किसी ने मकान मालिक के नाम की जगह प्लॉट लिखा होने की शिकायत की है। नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी धीरेंद्र मोहन कटियार ने बताया कि 970 आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया है। बची हुईं आपत्तियां भी जल्द निस्तारित कर दी जाएंगी।
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