संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए 65 साल बाद छात्राओं को इस सत्र से राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) में प्रवेश देने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। यह बदलाव अब छात्राओं को नई रोशनी और दिशा प्रदान करेगी।
ग्वालियर राेड पर वर्ष 1921 में राजकीय इंटर कॉलेज की स्थापना की गई। स्थापना वर्ष से ही यहां छात्र-छात्राएं साथ पढ़ते थे। किन्हीं कारणों के चलते वर्ष 1960 में इसमें छात्राओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। तब से इसमें सिर्फ छात्र ही पढ़ते हैं। यहां कक्षा छह से कक्षा 12 तक जीव विज्ञान, गणित, कॉमर्स और व्यावसायिक की शिक्षा दी जाती है। इसमें हाल में 17 शिक्षिकाएं हैं और लगभग इन्हीं के बराबर पुरुष शिक्षक हैं। महिला शिक्षिकाओं की मौजूदगी के कारण छात्राओं को भी यहां प्रवेश देने पर लंबे समय से विचार किया जा रहा था। लेकिन किसी कारण उस पर मोहर नहीं लग पा रही थी। इस साल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर छात्राओं का प्रवेश पुन: शुरू कर महिला सशक्तीकरण की ओर एक कदम बढ़ाया गया है।
इस संबंध में जीआईसी के प्रधानाचार्य सतीश कुमार सिंह ने बताया कि बदलते समय के साथ यहां छात्राओं को स्मार्ट क्लास जैसी अन्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इस सत्र में एक अप्रैल से ऑफलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसमें सीमित सीटों का कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए जितनी छात्राएं प्रवेश के लिए आवेदन करेंगी। उतनी छात्राओं को प्रवेश दिया जाएगा।
शिक्षा के साथ खेलकूद की भी सुविधा
प्रधानाचार्य ने बताया कि जीआईसी में बने मिनी स्पोर्ट्स स्टेडियम और ओपन जिम जैसी तमाम सुविधाओं का लाभ छात्राएं ले सकेंगी। मिनी स्पोट्स स्टेडियम में वे अपनी रुचि के अनुसार खेलों का अभ्यास कर सकेंगी।