महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक और कदम बढ़ाया गया है। महिलाओं को उत्पीड़न से बचाने के लिए इंटर कॉलेज की छात्राओं को शक्ति परी बनाकर विशेष पुलिस अधिकारी का दर्जा दिया जाएगा। यह शक्ति परी पीड़ित महिलाओं को वूमेन पावर लाइन 1090 और पुलिस से सहायता दिलाएंगी। वहीं, पीड़ित महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक भी करेंगी। यह स्वैच्छिक सेवा होगी, जिसके लिए मानदेय नहीं दिया जाएगा।
शासन ने महिलाओं क ो उत्पीड़न से बचाने और उनकी त्वरित मदद के लिए वूमेन पॉवर लाइन 1090 की स्थापना लगभग एक वर्ष पहले की थी। इसी क्रम में हाल ही में शासन ने इंटर कालेज की छात्राओं को वूमेन पावर लाइन पर जागरूक करने और उनके मार्फत पीड़ित महिलाओें को मदद मुहैया हो सके, उन्हें शक्ति परी बनाने की योजना तैयार की है। शक्ति परी के लिए कक्षा 11 व उससे उच्चतर कक्षाओं की छात्रा ही आवेदन कर सकती है। यह स्वैच्छिक सेवा होगी और 24 वर्ष की आयु सीमा के बाद यह सेवा स्वत: समाप्त हो जाएगी। चयनित शक्ति परी छात्रा को पुलिस विभाग परिचय पत्र तो देगा ही, इसके अलावा सराहनीय कार्य करने पर पुरस्कृत भी किया जाएगा। शक्ति परी के कार्यों में पीड़ित महिला-लड़कियों को वूमेन पॉवर लाइन 1090 की जानकारी देना और उनकी पूरी मदद करना होगा। छात्राओं को चयन के बाद पुलिस विभाग ट्रेनिंग देगा।
संयुक्त शिक्षा निदेशक मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि यह छात्राएं वूमेन पावर लाइन 1090 के बारे में महिलाओं को जानकारी देकर अधिकारों के प्रति जागरूक करेंगी। झांसी के बालिका इंटर कॉलेजों में शक्ति परी के लिए 200 आवेदन फार्म भेजे गए हैं तथा बुंदेलखंड के अन्य जिलों में भी आवेदन फार्म भेज दिए गए हैं।