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हो जाएं तैयार 16 से पड़ेगी ठंड, होगी बारिश, गिरेगा तापमान, फसल में कीड़ा लगने का खतरा

Sat, 12 Dec 2020 03:33 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
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शीत लहर - फोटो : Social Media
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दिसंबर में गर्मी सा मौसम और अधिक तापमान से बदलाव चाह रहे लोगों का इंतजार खत्म होने वाला है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार 16 दिसंबर से तापमान गिरने और ठंड बढ़ने का सिलसिला शुरू होगा। इससे पहले अगले दो-तीन दिनों तक धुंध छाई रहेगी। उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड और मध्यप्रदेश के कुछ स्थानों पर मामूली बारिश भी हो सकती है। शुक्रवार को महानगर में पूरे दिन सूरज नहीं दिखा। तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की गई। शाम को ठंडी हवाएं भी चलीं और छुटपुट बूंदाबांदी भी हुई। 

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 मौसम में बदलाव का लोगों ने अपने-अपने अंदाज में आनंद लिया। कुछ ने घरों में रहकर पसंदीदा पकवान का स्वाद लिया तो कुछ परिवार के साथ घूमने फिरने निकले। उधर, कानपुर स्थित चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी डॉ. सुरेंद्र नाथ पांडेय ने बताया कि अगले दो तीन दिन मौसम ऐसा ही रहेगा। धुंध और बादल छाए रहने से सूरज नहीं दिखेगा। गुजरात के ऊपर ट्रफ लाइन बनने से मध्य प्रदेश और बुंदेलखंड के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। अभी पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) आया है। इस आधार पर 16 दिसंबर से ठंड बढ़ने और तापमान गिरने के आसार हैं। न्यूनतम तापमान इकाई में (नौ डिग्री से कम) ही रहेगा। इसके बाद लगातार ठंड पड़ने की उम्मीद है। 

ज्योतिष के अनुसार भी 15 की रात से एक महीने पड़ेगी ठंड
ज्योतिषविद् रजनी दीक्षित के अनुसार 15 दिसंबर की रात 9:37 पर सूर्य राशि परिवर्तन करेंगे। मूल नक्षत्र में सूर्य वृश्चिक राशि से धनु राशि में आ जाएंगे। इसे सूर्य संक्रांति कहते हैं। चूंकि सूर्य धनु राशि में आएंगे, इसलिए यह धनु की संक्रांति कहलाती है। एक महीने सूर्य इसी राशि में रहेंगे। इसलिए 15 दिसंबर की रात से एम महीने अच्छी ठंड पड़ेगी। 
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अब तक क्यों नहीं पड़ी सर्दी
डॉ.सुरेंद्र नाथ पांडेय के अनुसार पहले भी पश्चिमी विक्षोभ आया। लेकिन इसके पीछे लगातार वेस्टर्न डिस्टरबेंस आते रहे। ठंड पड़ने के लिए जरूरी है कि जब वेस्टर्न डिस्टरबेंस आए वह लगभग एक सप्ताह तक बना रहे और उसके बाद कुछ दिनों तक पीछे कोई दूसरा पस्चिमी विक्षोभ न आए। अब ऐसे आसार बन रहे हैं।

फसल, पौधों में कीट लगने का खतरा
मौसम विज्ञानियों के अनुसार धुंध और बादल रहने के कारण पृथ्वी की गर्मी वायुमंडल से ऊपर नहीं जा पाती। इस कारण उमस और नमी बनी रहती है। ऐसे में फसल और पेड़-पौधों में कीट (कीड़े) लगने का खतरा रहता है।

इस तरह रह सकता है तापमान
11 दिसंबर को अधिकतम तापमान 24 और न्यूनतम 17 डिग्री रहा। 10 दिसंबर को अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम 13 डिग्री था। वहीं, 12 से15 तारीख तक अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम 11 तक रहने के आसार हैं। 16 से 18 दिसंबर तक अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम 7 डिग्री के आसपास रहेगा।

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