फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खाते में नहीं पहुंच रही गैस की सब्सिडी

Sat, 17 Oct 2015 12:20 AM IST
ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। रसोई गैस की नकद सब्सिडी योजना उपभोक्ताओं के लिए जी का जंजाल बन गई है। वांछित औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भी उपभोक्ताओं को गैस की सब्सिडी हासिल नहीं हो पा रही है। इसके लिए वह एजेंसी से लेकर आपूर्ति कार्यालय तक के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर ओर से उनके हाथ मायूसी ही लग रही है।
विज्ञापन


रानी महल के पास निवासी सेवानिवृत्त अध्यापक वीरेंद्र कुमार अग्रवाल इंडेन गैस के उपभोक्ता हैं। साल की शुरुआत में गैस की नकद सब्सिडी योजना लागू होने के साथ ही उन्होंने एजेंसी पर जाकर निर्धारित प्रपत्र जमा कर दिए थे। लेकिन, सब्सिडी उन्हें अब तक नहीं मिल पाई है। इसकी शिकायत वह कई बार एजेंसी व गैस कंपनी से कर चुके हैं। आपूर्ति विभाग का भी दरवाजा खटखटा चुके हैं।

लेकिन, सब्सिडी की धनराशि उनके खाते में नहीं पहुंची है। यह केवल एक उपभोक्ता की समस्या नहीं है। बल्कि, सभी गैस कंपनियों के तमाम उपभोक्ताओं को इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जिला पूर्ति कार्यालय में सब्सिडी से संबंधित शिकायतें लगातार दर्ज हो रही हैं, परंतु विभाग उपभोक्ताओं को लाभ नहीं दिलवा पा रहा है।
विज्ञापन


जिला पूर्ति अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि सब्सिडी नहीं मिलने की शिकायतें लगातार आ रही हैं। तमाम उपभोक्ता इससे परेशान हैं। इस संबंध में गैस कंपनियों से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। उपभोक्ताओं को उनका हक दिलवाया जाएगा। सब्सिडी न मिलने की शिकायत उपभोक्ता कार्यालय में दर्ज कर सकते हैं।

ओवर रेटिंग भी हो रही है खूब
झांसी। वर्तमान में रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 566.50 रुपये है। इसमें से 130.18 रुपये सब्सिडी राशि है, जो उपभोक्ताओं के बैंक खाते में पहुंचनी चाहिए। लेकिन, गैस हॉकर उपभोक्ताओं से मनमानी कीमत वसूल कर रहे हैं। 10 - 20 रुपये तो आम बात है, परंतु हॉकर सिलेंडर की 50 - 100 रुपये तक अधिक कीमत वसूल रहे हैं। खासतौर पर सिलेंडर की डिलेवरी के समय घर पर मिलने वाली महिलाओं से उपभोक्ता आसानी से अधिक कीमत वसूल लेते हैं। इसके अलावा उन्हें बिल भी नहीं दिया जाता है। जबकि, उपभोक्ताओं को डिलेवरी के समय बिल उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश हैं।

आसानी से नहीं मिलता है सिलेंडर
झांसी। वासुदेव मुहल्ला निवासी अवधेश गुप्ता हिंदुस्तान गैस के उपभोक्ता हैं। उन्हें इस साल केवल एक सिलेंडर ही मिल पाया है। 16 जनवरी को बुकिंग कराने के बाद सिलेंडर की डिलेवरी 26 अगस्त को हुई थी। इसके बाद से उन्हें अब तक सिलेंडर नहीं मिला है। वहीं, ग्वालियर रोड निवासी शिवदयाल यादव भारत गैस के उपभोक्ता हैं। बुकिंग के दो माह बाद भी उन्हें सिलेंडर मुश्किल से हासिल हुआ। आपूर्ति कार्यालय में शिकायत दर्ज करने के बाद एजेंसी ने सिलेंडर की आपूर्ति की। इसके अलावा सब्सिडी भी उन्हेें अब तक हासिल नहीं हो पाई है।

बैंक को तत्काल भेज दी जाती है सब्सिडी
झांसी। राजेंद्र प्रसाद गैस एजेंसी के संचालक हेमंत ने बताया कि सिलेंडर की डिलेवरी पर उपभोक्ताओं से सिलेंडर की पूरी कीमत ली जाती है। इसमें से सब्सिडी राशि तत्काल बैंकों को भेज दी जाती है। लेकिन, बैंकों के स्तर से उपभोक्ता के खाते में सब्सिडी भेजने में देरी होती है। कई बैंकों द्वारा रोजाना सब्सिडी हस्तांतरित करने की जगह कई - कई दिन बाद की जाती है। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ती है। सब्सिडी न मिलने की शिकायत उपभोक्ता टोल फ्री नंबर 18002333555 पर दर्ज कर सकते हैं।

दस हजार ने स्वेच्छा से छोड़ी सब्सिडी
झांसी। आर्थिक रूप से संपन्न लोगों से प्रधानमंत्री द्वारा स्वेच्छा से गैस की सब्सिडी छोड़ने की अपील की गई है। इसका खासा असर भी देखने को मिला है। जिले के 2.55 लाख उपभोक्ताओं में से दस हजार उपभोक्ता स्वेच्छा से सब्सिडी छोड़ चुके हैं।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें