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गरीबों की सूची से अभी नहीं हटेंगे पूंजीपतियों के नाम

Mon, 11 Jun 2018 12:58 AM IST
amarujala
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doctor, jhansi news - फोटो : demo
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आयुष्मान भारत योजना भले ही गरीबों को स्वास्थ्य लाभ देने के लिए शुरू की गई हो, पर जिन लोगों की सूची तैयार की गई है, उसमें अधिकांश पूंजीपति शामिल हैं। ऐसे में गरीबों को योजना का लाभ मिल पाएगा या नहीं, यह बड़ा सवाल है। इससे सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को झटका लग सकता है।
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देश के दस करोड़ परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये का मेडिकल बीमा उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने गरीबों के लिए महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना शुरू की है, ताकि जो गरीब पैसे के अभाव में गंभीर और जटिल बीमारियों का इलाज नहीं करा सकते हैं, वह इलाज करा सकें। जनगणना 2011 के अनुसार पात्रों की सूची तैयार की गई, लेकिन इस सूची में इतनी खामियां हैं कि सूची पर ही सवाल खड़े हो गए। सूची में एक या दो नहीं, बल्कि सैकड़ों नाम ऐसे हैं, जिनकी पहचान पूंजीपति के तौर पर है। यहां तक कि बड़े कारोबारियों तक के नाम इसमें शामिल हैं।
आयुष्मान योजना के प्रभारी डॉ. महेंद्र खरे ने बताया कि सूची में धनाढ्य लोगों के शामिल होने की जानकारी शासन को दे दी गई है। नए सिरे से सूची तैयार की जा रही है, जो एक सप्ताह में तैयार हो जाएगी। इसके बाद जो निर्देश आएगा, उसी के अनुसार कार्रवाई होगी।
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गरीब व कमजोर तबके को मिलेगा लाभ
योजना के अंतर्गत गरीब और कमजोर तबके के लोग शामिल होंगे। इसके लिए परिवार के आकार और आयु पर किसी तरह की सीमा नहीं होगी। कच्ची दीवार और कच्छी छतों के मकान वालों के साथ - साथ एक कमरा वाले, वे परिवार जिनमें कोई वयस्क सदस्य न हो, ऐसे परिवार जिसमें दिव्यांग सदस्य हों और कोई शारीरिक रूप से सक्षम वयस्क न हो, ग्रामीण क्षेत्रों में बिना छत के रहने वाले, निराश्रित, खैरात पर जीवन यापन करने वाले, मैला ढोने वाले परिवार, कानूनी रूप से मुक्त किए गए बंधुआ मजदूर आयुष्मान योजना में शामिल हैं।

ये होगा फायदा
मेडिकल बीमा पॉलिसी के पहले दिन से सभी शर्तों को कवर किया जाएगा। इसके अंतर्गत लाभार्थी को हर बार अस्पताल में भर्ती होने पर परिवहन भत्ते का भुगतान किया जाएगा। देशभर के किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल से कैशलेस लाभ की सुविधा मिलेगी। साल भर में पांच लाख रुपये तक का उपचार कराया जा सकेगा।
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