लॉकडाउन में घर में रहकर बागवानी करते सीपी मिशन कम्पाउंड के सर्वनगर कालोनी के रहने वाले शील कोपरा?
झांसी। प्रकृति हरी भरी रहे और गौरैया की मधुर आवाज गूंजे। इसके लिए महानगर के कई परिवार लॉकडाउन का पूरा फायदा उठाते हुए घर के आंगन में बेशकीमती जड़ी बूटियों के साथ ही स्ट्राबेरी, सफेद मिर्च, चीकू आदि के पौधे लगाए हैं। स्वर्ण पुष्प, नीलकमल जैसे फूल भी लगा रहे हैं। प्रदूषण के कारण लुप्त हो रही गौरैया चिड़ियों को रहने के लिए घोंसले भी बनाए हैं। ताकि नई पीढ़ी प्रकृति की महत्ता को समझ सकें।
सफेद मिर्च और स्ट्राबेरी को घर में उगाये हैं
सर्वनगर कालोनी के अपने आवास में डॉ. शील कोपरा सुगंधित स्वर्ण पुष्प, चीकू, मौसम्मी, स्ट्राबेरी, सहित कई फलों के पौधे लगाए है। सफेद व लौंग मिर्च भी ध्यान खींचती है। इसके अलावा गौरैया को रहने के लिए जगह - जगह घोंसले भी तैयार किए हैं। डॉ. शील कोपरा का कहना है कि वह पौधों में स्वनिर्मित जैविक खाद जिसमें फल, सब्जियों के छिलके, बीज, दाल का बचा पानी खाद के रूप में उपयोग करते हैं।
ब्रह्म कमल, तुलसी की क ई प्रजातियां हैं इनके घर
बंसल कालोनी में पूर्व शिक्षा उप निदेशक नीना उदैनिया के आवास पर ब्रह्म कमल, नीलकमल और तुलसी के कई प्रजातियां देखने को मिल जाएंगी। छोटे से बगीचे में नींबू, नारंगी, अंजीर, चीकू, आम, बरगद, शतावरी, गुलमोहर के बोनसाई पेड़ अपनी अलग ही छटा बिखेर रहे हैं। उनका कहना है कि लॉकडाउन में अपने बगीचे के सभी पौधों की वह और अच्छे तरीके से देखभाल कर रही हैं।