मऊरानीपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की गैंगरेप पीड़ित किशोरी ने शनिवार की देर शाम जहर खाकर खुदकुशी की कोशिश की। परिजनों का आरोप है कि गांव के दो युवकों और उनके एक साथी ने इलाहाबाद और फिर वहां से झांसी ले जाकर उसके साथ ज्यादती की। शिकायत करने पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, बल्कि इससे पहले दी गई तहरीर के आधार पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर मामला दबाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, रविवार को कोतवाली पुलिस ने परिजनों को नोटिस देते हुए किशोरी का बयान दर्ज कराने को कहा है।
किशोरी के माता-पिता नहीं हैं, इस वजह से वह अपनी मौसी के यहां रहती है।13 दिसंबर को गांव के कई लोगों के साथ कोतवाली आए मौसा ने प्रार्थनापत्र देते हुए बताया था कि 17 वर्षीय किशोरी को मंदिर जाने के बहाने से गांव के ही दो युवकों ने बुलाया। इसके बाद उसे जबरन ट्रेन में बैठाकर इलाहाबाद और फिर वहां से झांसी ले जाकर अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर गलत काम किया। जैसे-तैसे किशोरी उनके चंगुल से छूटी और जानकारी दी। शिकायत पर महिला पुलिस ने किशोरी से बात की। इस बीच ग्रामीणों की भारी भीड़ भी कोतवाली के बाहर जमा रही, लेकिन देर शाम तक पुलिस ने घटना की रिपोर्ट पहले दी गई तहरीर के आधार पर धारा 363 गुमशुदगी में दर्ज कर लोगों को चलता कर दिया।
उधर, रविवार की शाम किशोरी को जहर खाने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मऊरानीपुर लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे मेडिकल कॉलेज, झांसी रेफर कर दिया, लेकिन परिजन उसे वापस गांव ले आए। कोतवाली प्रभारी आशीष मिश्रा के मुताबिक उपनिरीक्षक जहीर अहमद ने गांव पहुंचकर किशोरी के परिजनों को बयान दर्ज कराने का नोटिस दिया है। बयान के बाद स्थिति साफ हो जाएगी।