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इनके मंसूबे तो और भी खतरनाक थे, छात्रों के मोबाइल में मिले कई अश्लील वीडियो

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दुष्कर्म के आरोपी छात्रों को मेडिकल के लिए ले जाती पुलिस।
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पुनीत शर्मा
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झांसी। नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म में फंसे पॉलीटेक्निक छात्रों के मंसूबे और खतरनाक थे। वे छात्रा को ब्लैकमेल कर आगे भी उसके शोषण की प्लानिंग कर रहे थे। वह तो एक सिपाही के पहुंचने से भंडाफोड़ हो गया, वरना शायद यह भेद न खुलता और सामूहिक दुष्कर्म के साथ ब्लैकमेलिंग की नई कहानी शुरू हो जाती। क्या यह छात्र पहले भी ऐसी करतूत कर चुके हैं? क्या साथी छात्र-छात्राओं के अश्लील वीडियो उनके मोबाइलों में हैं? क्या कोई रैकेट सक्रिय है? पुलिस इन सभी एंगल पर भी जांच कर रही है।
ग्वालियर रोड पर सरकारी पॉलीटेक्निक के दो ब्वॉय हॉस्टल हैं। इनमें एक की क्षमता 50 की है दो दूसरे की 60। लेकिन हर हॉस्टल में क्षमता से कई गुना अधिक छात्र रहते हैं। महोबा, गोंडा, हमीरपुर, ललितपुर, कानपुर, मेरठ, इटावा, प्रयागराज, बांदा और चित्रकूट तक के छात्र यहां से डिप्लोमा कर रहे हैं। हालांकि कोराना कॉल में सभी हॉस्टल बंद कर दिए गए थे लेकिन फिर भी तमाम छात्र यहां जमे रहे। नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म में गिरफ्तार सभी 8 छात्रों से जब पुलिस ने पूछताछ की तो इन सभी के खतरनाक मंसूबे उजागर हुए हैं। हॉस्टल में रहने वाले कुछ छात्रों ने ब्लैकमेलिंग के लिए पूरा गिरोह बना रखा है। यह छात्रों से वसूली करते हैं। जिस नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म किया गया है उसकी भी अश्लील वीडियो बनाई गई थी। पुलिस पूछताछ में इन छात्रों ने बताया कि वह केवल छात्रा का वीडियो बना रहा थे ताकि उसे इसके जरिए ब्लैकमेल किया जा सके। लेकिन इसी बीच कुछ छात्र उसे खींचकर ले गए जहां दुष्कर्म किया गया।
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कॉलेज प्रशासन भी परेशान है कई छात्रों से, अभिभावकों से की थीं शिकायतें
झांसी। पॉलीटेक्निक प्रशासन भी कई छात्रों से परेशान है। हॉस्टल में रहने वाले यह छात्र दबंगई दिखाते थे। छात्रों से पैसा छीन लेते थे। भरत कुमार के बारे में तो लगातार शिकायतें आ रही थीं कि वह छात्रों से वसूली करता है। मारपीट करता है। प्रिंसिपल नवीन कुमार ने बताया कि उसकी शिकायतें लगातार आती रहती थीं। उसके बारे में परिजनों को भी अवगत कराया गया लेकिन उसमें कोई सुधार नहीं आया।
हॉकी, लोहे की रॉड और चाकू...कहां से आ रहे हॉस्टल में
झांसी। पुलिस ने छात्रों के कमरों की तलाशी ली तो खुद पुलिस वाले हैरान थे। तमाम हॉकी थीं। लोहे की रॉड। चाकू तक मिले हैं। पुलिस ने आसपास के लोगों से जब पूछताछ की तो इनका कहना था कि शाम ढले ही यहां बाहरी लोगों का आना जाना शुरू हो जाता है। हॉस्टल की छत पर कुछ छात्र खड़े हो जाते हैं और आने जाने वाली महिलाओं पर कमेंट करते हैं। पुलिस से शिकायत भी की जाए तो सिपाही आते हैं और बाहर से छात्रों को टोककर चले जाते हैं। कार्रवाई न होने से इनके मंसूबे बढ़ते चले गए।
कैसे बनवाई डुप्लीकेट चाबी, पड़ताल होगी
झांसी। सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी कुछ छात्रों के पास हॉस्टल की डुप्लीकेट चाबी भी थी। पॉलीटेक्निक कॉलेज प्रशासन ने भी डुप्लीकेट चाबी की बात स्वीकारी है। अब छात्रों ने डुप्लीकेट चाबी कैसे बनवाई इसकी पड़ताल की जाएगी।
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एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी का कहना है कि छात्रों के पास से 7 मोबाइल मिले हैं। इन मोबाइल में अश्लील क्लिपिंग भी हैं। कुछ लड़कियों के नंबर हैं। कुछ मैसेज भी ऐसे मिले हैं जिन्हें जांच के दायरे में लिया जा रहा है। फोरेंसिक जांच के लिए सभी को भेजा रहा है। कुछ ऐसे नंबर भी मिले हैं जिन्हें एक दिन में 10 से 20 बार डॉयल किया गया है। इन सभी की जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि ब्लैकमेलिंग का बड़ा रैकेट सामने आ सकता है।
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