झांसी। मऊरानीपुर में इटावा से ड्यूटी पर आई की महिला सिपाही से गैंगरेप के मामले ने लखनऊ तक हड़कंप मचा दिया है। वहीं, इटावा पुलिस ने पीड़िता का डॉक्टरी परीक्षण कराया। रेप की पुष्टि के लिए न सिर्फ स्लाइड बनवाई बल्कि फोरेंसिक जांच के लिए उसके कपड़ों को भी सील किया गया। पीड़िता के 161 के बयान भी दर्ज करवा दिए गए हैं।
झांसी के मऊरानीपुर में चले जल विहार मेला में इटावा महिला थाने में तैनात महिला सिपाही की ड्यूटी लगी थी। वह 23 सितंबर को झांसी गई थी, जहां आठ अक्तूबर तक ड्यूटी लगी थी। 28 सितंबर को ड्यूटी पूरी करके वह झांसी पुलिस लाइन के लिए जा रही थी। तभी एक कार में सवार दो सिपाही और एक चालक मऊरानीपुर में ही मिले। परिचय होने की वजह से एक सिपाही ने उससे पुलिस लाइन छोड़ने की बात कहकर कार में बैठा लिया। पीड़िता सिपाही ने बताया कि थोड़ी दूर चलने के बाद आरोपी कार को जंगल में ले गए जहां तीनों ने गाड़ी में ही उसके साथ बलात्कार किया। आरोपी सिपाहियों ने धमकी भी दी कि यदि शिकायत की तो जान से मार देंगे।
इसके बाद वह मऊरानीपुर थानाध्यक्ष को मजबूरी की बात कहकर छुट्टी पर चली गई। उसने चार अक्तूबर को सीधे आईजी जोन आशुतोष पांडेय से शिकायत की। आईजी के आदेश पर इटावा एसएसपी मंजिल सैनी ने दो सिपाहियों समेत तीनों के खिलाफ गैंगरेप का मामला दर्ज करा दिया। इटावा पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया। उसकी स्लाइड बनवाई और बलात्कार के समय पहने गए कपड़ों को सील करवाया, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। इसके अलावा पीड़िता के 161 के बयान भी दर्ज करवा दिए गए हैं।
इटावा की एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि आरोपी सिपाहियों के कप्तानों को एफआईआर की प्रति फैक्स से भेज दी गई है, ताकि वह उचित कार्रवाई करें। इसके अलावा कानूनी कार्रवाई से संबंधित दस्तावेज आईजी को भेज दिए हैं ताकि कार्रवाई के लिए एसएसपी झांसी व एसएसपी औरैया के पास भेजे जा सके। एसएसपी झांसी सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि इटावा से रिपोर्ट दर्ज होने से संबंधित दस्तावेज के आधार पर आरोपी सिपाही को निलंबित करके समुचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
महिला आयोग ने कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की
अमर उजाला में प्रकाशित ‘चलती गाड़ी में महिला सिपाही से गैंगरेप’ की खबर को राज्य महिला आयोग ने काफी गंभीरता से लिया है। सोमवार को महिला आयोग की सचिव ने एसएसपी को पत्र भेजकर कहा है कि वह आरोपी सिपाहियों व चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करके आयोग को तत्काल प्रभाव से अवगत कराएं।