टेलीकॉम कंपनी में काम करने वाली महक देवलिया (21) पुत्री संतोष ने जिंदगी में हताश होकर कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। पड़ोसी बच्चे ने खेलते समय उसका शव फंदे से लटका देखकर शोर मचाया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को फंदे से नीचे उतारा। उसके कमरे से सुसाइड नोट बरामद हुआ है, उसमें उसने लिखा कि मेरे सुसाइड के पीछे किसी की गलती नहीं है। जिंदगी से मेरा मन भर गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
सुसाइड से पहले काफी देर तक टहलती रही छत पर
कोतवाली थाना क्षेत्र के सैंयर गेट बाहर मोहल्ला निवासी महक तीन बहनों में दूसरे नंबर पर थी। बड़ी बहन मुस्कान की शादी हो चुकी जबकि छोटी बहन शिल्पी और एकलव्य पढ़ाई कर रहे हैं। पिता संतोष प्राइवेट काम करते हैं। परिजनों ने पुलिस को बताया घर की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने से महक ने आगे पढ़ने की जगह लक्ष्मी गेट के पास स्थित टेलीकॉम कंपनी में काम करने लगी थी। पिता बीमार रहते हैं। ममेरे भाई की शादी के लिए उसने 21 जून से छुट्टी ली हुई थी। परिवार के साथ वह शादी में भी गई थी। शुक्रवार को प्रीतिभोज था लेकिन, महक उसमें शामिल नहीं हुई। पिता संतोष और बहन शिल्पी को भेजकर वह घर में रुक गई। पड़ोसियों के मुताबिक पिता और बहन के जाने के बाद शुक्रवार शाम काफी देर तक महक छत में अकेली टहलती रही। शाम करीब साढ़े सात बजे पड़ोस में खेल रहे बच्चे ने खिड़की से उसे फंदे से लटका देखा। उसके बताने पर आसपास के लोग जमा हो गए।
परिवारिक समस्या से परेशान होकर सुसाइड की आशंका
कोतवाल राजेश दुबे के मुताबिक सुसाइड नोट में उसने किसी भी वजह का जिक्र नहीं किया। आशंका जताई जा रही कि पारिवारिक समस्याओं से परेशान होकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
... मम्मी-पापा सॉरी, आपको छोड़कर जा रही हूं
महक के पास से बरामद सुसाइड नोट में उसने मम्मी-पापा से अपने इस कदम के लिए माफी मांगते हुए लिखा कि सॉरी मम्मी-पापा, आपके छोड़कर जा रही हूं। अब मुलाकात नहीं होगी। मेरे सुसाइड के पीछे किसी की कोई गलती नहीं है। मेरा जीवन से मन भर गया। मैंने जिंदगी बहुत जी ली, अब मन भर गया। समझ नहीं आ रहा है कि आगे क्या करना है और क्या नहीं करना.. इसलिए हमेशा के लिए जा रही हूं। पुलिस ने उसका मोबाइल भी बरामद किया है हालांकि मोबाइल फोन अभी लॉक है।