झांसी। सीपरी बाजार के अत्री गार्डन मोहल्ला निवासी ऐश्वर्या यादव उर्फ अंजली (29) ने घर के बाहरी हिस्से में मंगलवार आधी रात खुद पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर आग लगा ली। गंभीर रूप से झुलसने पर परिजन उसे मेडिकल अस्पताल लेकर पहुंचे। कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। ऐश्वर्या रेलवे में लिपिक थी और इन दिनों प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करती थी। परिजनों का कहना है कि चयन न होने की वजह से वह हताश थी। आशंका जताई जा रही कि इस वजह से उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
अत्री गार्डन निवासी रामनरेश यादव रेलवे कांट्रैक्टर हैं। उनकी छोटी बेटी ऐश्वर्या झांसी रेल मंडल में लिपिक पद पर काम करती थी। परिजनों का कहना है कि ऐश्वर्या न्यायिक सेवा में जाना चाहती थी। उसकी तैयारी करती थी। कई प्रयास करने के बाद भी उसे इसमें कामयाबी नहीं मिली। इस वजह से वह हताश हो गई थी। रेलवे की नौकरी उसे पसंद नहीं थी। इसे छोड़ देने की बात वह कहती थी। मंगलवार रात करीब 10.30 बजे पिता रामनरेश किसी काम से घर से बाहर निकले थे, उनकी पत्नी बीमार होने की वजह से घर के अंदर थीं। उसी दौरान ऐश्वर्या टहलने की बात कहकर बाहर निकली थी। रात करीब 11:45 बजे ऐश्वर्या घर के बाहरी हिस्से में झुलसी हुई मिली। शोर सुनकर परिजन बाहर निकले। ऐश्वर्या अचेत हाल में मिली। यह देखकर परिजन घबरा उठे। उसे लेकर तुरंत वह लोग मेडिकल अस्पताल पहुंचे। अत्याधिक गंभीर रूप से झुलसे होने से उसे बर्न वार्ड में भर्ती कर लिया गया। हालत नाजुक होने की वजह से कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। उसकी मौत से परिवार में रोना पिटना मचा है। थाना प्रभारी जेपी चौबे का कहना है कि उसके पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। परिजनों ने मानसिक तौर पर उसके परेशान रहने की बात बताई है। उसका मोबाइल भी कुछ दिनों पहले खराब हो गया था। पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।