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223 में सिर्फ 10 फरियादियों को मिली राहत

Thu, 07 Apr 2016 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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tehsil divas, jhansi news - फोटो : amarujala
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झांसी। मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस में फरियादियों की भारी भीड़ उमड़ी। यहां विभिन्न विभागों से संबंधित 223 शिकायतें आईं। इनमें से सिर्फ 10 शिकायतों का ही मौके पर निस्तारण हो पाया। शेष शिकायत कर्ताओं को एक सप्ताह में समस्या निपटाने का भरोसा देकर चलता किया गया। तहसील में आयोजित तहसील दिवस की अध्यक्षता जिलाधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने की।
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डीएम के समक्ष राजस्व विभाग की सर्वाधिक 45 व पुलिस विभाग से संबंधित 25 शिकायतें आईं। इसके अलावा समाज कल्याण विभाग की 16, शिक्षा विभाग की तीन, स्वास्थ्य व विकास विभाग की एक-एक, समाज कल्याण विभाग की 16 तथा अन्य विभागों की 122 शिकायतें दर्ज की गईं। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनोज तिवारी समेत अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

बगैर अनुमति के मुख्यालय न छोड़ें अफसर: डीएम
झांसी। तहसील दिवस में डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह बगैर लिखित अनुमति के मुख्यालय से बाहर न जाएं। अपरिहार्य कार्यों से बाहर जाना है तो अन्य अधिकारी को अपना कार्य सौंप कर जाएं। इसके अलावा उन्होंने सीडीपीओ पांच-पांच आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर रिपोर्ट डीपीओ के माध्यम से उपलब्ध कराने को कहा। डीएम ने कहा कि सूखा राहत वितरण कार्य में कोई शिकायत प्राप्त न हो। लाभार्थी का सत्यापन कराया लिया जाए।
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तहसील दिवस में इन्होंने की शिकायत
झांसी। नवाबाद थाना क्षेत्र में गल्ला मंडी निवासी हरीराम साहू ने प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि किसान बाजार स्थित उसकी दुकान के सामने अवैध कब्जा हो रहा है। उसने इस कब्जे को हटाने की मांग की।

वहीं, बाहर सैंयर गेट की रहने वाली सीमा, राजकुमारी, रानी, किरण व रजनी आदि महिलाओं ने तहसील दिवस में दिए शिकायती पत्र में बताया कि कई बार प्रार्थना पत्र देने के बावजूद नगर निगम के अधिकारियों ने सर्वे भी कर लिया, मगर उनके यहां रास्ते में एपेक्स नहीं बिछा रहा है। उधर, कोतवाली थाना क्षेत्र के मोहल्ला अंदर सूजे खां खिड़की निवासी ओमवती वर्मा, शैलेंद्र वर्मा, दिलीप वर्मा व विवेक वर्मा ने शिकायती पत्र देते हुए बताया कि उन्होंने एक प्लाट खरीदा था। विपक्षी ने उस प्लाट को दूसरे को भी बेच दिया और अब उस प्लाट पर सड़क भी बना दी गई। जब उन लोगों ने शिकायत की तो विपक्षी ने उन्हें डरा-धमकाकर जान से मारने की धमकी दी। पीड़ितों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने एवं प्लाट वापस दिलाने की मांग की है।
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