अब झांसी में ही ब्रेन स्ट्रोक का नि:शुल्क इलाज शुरू हो गया है। ब्रेन स्ट्रोक के शिकार मरीज को यदि चार घंटे के अंदर डॉक्टर के पास पहुंचा दिया जाता है, तो इंजेक्शन लगाकर उसे ठीक किया जा सकता है। सरकार ने इसके लिए जिला अस्पताल के एक डॉक्टर को दिल्ली के एम्स में प्रशिक्षण दिलाकर इंजेक्शन उपलब्ध कराए हैं।
ब्रेन स्ट्रोक हार्ट अटैक की तरह ही है। यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। व्यक्ति के मस्तिष्क के किसी हिस्से में खून का थक्का जमने पर रक्त प्रवाह कम हो जाता है। इससे सेल डैमेज होने लगती हैं और ब्रेन स्ट्रोक पड़ जाता है। ब्रेन स्ट्रोक की वजह से मस्तिष्क के किसी हिस्से पर होने वाले असर से शरीर का कोई हिस्सा प्रभावित हो सकता है। ब्रेन स्ट्रोक का सबसे गहरा असर शरीर में लकवा होने पर नजर आता है लेकिन इससे पीड़ित के चलने, बोलने की क्षमता में कमी आने के अलावा चेहरे के हिस्से में बदलाव हो सकता है। इसका पीड़ित व्यक्ति बिस्तर पकड़ लेता है या उसकी मृत्यु भी हो सकती है।
एम्स में प्रशिक्षण लिए जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. डीएस गुप्ता का कहना है कि सरकार की ओर से 30 इंजेक्शन दिए गए हैं। इन इंजेक्शनों की कीमत 45,000 रुपये से भी अधिक है। निजी अस्पतालों में इनको खरीदकर लगवा पाना आम आदमी के लिए मुश्किल होता है। सरकार के प्रयास से अब इन्हें नि:शुल्क लगाया जा रहा है। शहर के दो-तीन मरीजों को इंजेक्शन लगाकर बचाया गया है। इसलिए अगर किसी भी व्यक्ति को ब्रेन स्ट्रोक पड़ता है तो डॉ. गुप्ता के मोबाइल नंबर 9450074831 पर संपर्क कर सकता है।
ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण
- चलने में परेशानी
- संतुलन में कमी
- बोलने में दिक्कत
- सिर में बहुत दर्द होना
- शरीर के एक हिस्से में लकवा
- अस्पष्ट दृष्टि