झांसी। उत्तर प्रदेश सरकार किसानों व गरीबों के लिए ‘समाजवादी किसान एवं सर्वहित बीमा योजना’ लांच करने जा रही है। 15 अगस्त तक इसकी घोषणा हो सकती है। इसके तहत केयर कार्ड भी बनाया जाएगा, जिसके जरिये इलाज की सुविधा भी मिलेगी। खास बात यह है कि बीमा योजना के लाभ के लिए न तो प्रीमियम अदा करना होगा और न ही कोई अन्य शुल्क लगेगा।
योजना के तहत परिवार के मुखिया /कमाऊ व्यक्ति को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा का लाभ तो मिलेगा ही, साथ ही उसे व उसके परिवार के अन्य सदस्यों को दुर्घटना उपरांत चिकित्सा लाभ भी दिया जाएगा। इसके लिए समाजवादी किसान एवं सर्वहित केयर कार्ड बनाया जाएगा। बीमा एक वर्ष के लिए होगा। हर साल इसका नवीनीकरण किया जाएगा। खास बात यह है कि इस योजना के लाभ के लिए न तो प्रीमियम लिया जाएगा। इसके अलावा केयर कार्ड बनवाने का भी शुल्क नहीं लगेगा। आवेदन पत्र भी नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।
इन्हें मिलेगा लाभ
इस योजना का लाभ सभी किसान हासिल कर सकेंगे। इसके लिए उनका नाम खतौनी में खातेदार /सह खातेदार के रूप में दर्ज होना जरूरी है। किसानों के अलावा अन्य वह सभी लोग भी योजना का लाभ उठा सकेंगे, जिनकी सालाना आय 75 हजार रुपये से कम होगी। इसमें आयु सीमा 18 से 70 वर्ष निर्धारित की गई है।
ये लाभ मिलेंगे
परिवार के मुखिया /कमाऊ सदस्य की दुर्घटना मृत्यु पर उसके आश्रित को पांच लाख रुपये की बीमा क्लेम राशि दी जाएगी। इसके अलावा स्थायी पूर्ण विकलांगता, स्थायी व लाईलाज पागलपन, शरीर के दो अंगों का स्थायी नुकसान, दोनों आंखों की स्थायी दृष्टि का नुकसान, एक अंग व एक आंख की स्थायी दृष्टि का नुकसान, निचले जबड़े की पूरी हानि व चबाने की स्थिति का नुकसान होने पर पांच लाख रुपये बीमा क्लेम मिलेगा। दोनों कान बहरे होने पर पौने चार लाख तथा एक अंग व एक आंख की दृष्टि का स्थायी नुकसान होने पर ढाई लाख रुपये बीमा क्लेम दिया जाएगा।
चिकित्सा लाभ
दुर्घटना के बाद ढाई लाख रुपये तक का चिकित्सा क्लेम दिया जाएगा। साथ ही एक लाख रुपये कृत्रिम अंग के लिए भी मिलेंगे। यह लाभ परिवार के मुखिया के अलावा परिवार के अन्य सदस्यों को भी मिलेगा। इसमें मरीज के टेस्ट, अस्पताल में भर्ती के दौरान का खानपान, बेड खर्च, इलाज, आपरेशन, अंग प्रत्यारोपण, एंबुलेंस सुविधा, दवाइयां तथा अस्पताल से छुट्टी के बाद आवश्यकतानुसार पंद्रह दिन की दवाइयों का खर्च शामिल रहेगा।
ऐसे होगा बीमा
सरकार द्वारा तय की जाने वाली बीमा कंपनी जगह - जगह कैंप लगाकर आवेदन पत्र लेगी। आवेदन पत्र के साथ परिवार के मुखिया की फोटो तथा उसका व परिवार के अन्य सदस्यों का विवरण दर्ज किया जाएगा। इसमें बैंक खाते का ब्योरा भी देना होगा। किसानों को आवेदन के साथ खसरा /खतौनी की नकल तथा अन्य लोगों को आय प्रमाण पत्र देना होगा। जिनका नाम बीपीएल सूची में दर्ज है, उन्हें आय प्रमाण पत्र देने की आवश्यकता नहीं होगी।
‘बीमा कंपनी का प्रदेश स्तर पर जल्द चयन कर लिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया जारी है। उम्मीद है कि अगले माह सरकार योजना को लांच कर देगी। किसानों व गरीबों को बीमा सुरक्षा देने में यह योजना मील का पत्थर साबित होगी।’
- नीरज कुमार मिश्रा, वरिष्ठ अपर जिला बचत अधिकारी