झांसी। झांसी रेलवे स्टेशन के ठीक सामने कांप्लेक्स (एमएफसी) की आड़ में ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं लेकिन रेल प्रशासन फिर भी खामोश है। दर्जनों लोगों से करोड़ों रुपये ठगे जा चुके हैं। पिछले दिनों जब जालसाज राजा साहब भदौरिया जीआरपी की गिरफ्त में आया तब भी इस प्रकार के कई मामले प्रकाश में आए थे। जेल जाने से पहले उसने महज सौ रुपये का इकरारनामा करके रेलवे की बेशकीमती जमीन पर बनी दुकानों की लीज दूसरों को थमा दी जबकि उसके पास लीज ही नहीं है। शुक्रवार को इस गड़बड़ झाले की शिकायतें डीआरएम तक पहुुंचीं।
रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) ने झांसी रेलवे स्टेशन के ठीक सामने अरबों की लागत से जमीन पर एमएफसी विकसित करने के लिए भगवती रेल इंफ्रा को लीज दी थी। इसका व्यावसायिक इस्तेमाल बगैर पूर्णता प्रमाण पत्र के नहीं हो सकता। कई कारोबारियों के करोड़ों रुपये इस वजह से फंस गए। इसी बीच भिंड निवासी राजा साहब भदौरिया ने महज सौ रुपये के स्टांप पर फर्जी इकारनामा करके लाखों रुपए वसूल लिए। जीआरपी एवं आरपीएफ में ठगी की शिकायत दर्ज कराई। निर्मला पाठक, राजकुमार राय समेत अन्य कारोबारियों ने मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय पहुंचकर फर्जीवाड़े की शिकायत की। रेल मंत्री से भी शिकायत की गई है।
यह मामला संज्ञान में है लेकिन, कार्रवाई से पहले औपचारिक मंजूरी (मेमो) की आवश्यकता होती है। उसके मिलने के बाद ही कार्रवाई की जा सकती है।
विवेकानंद नारायण
कमांडटेंट, आरपीएफ