झांसी। केंद्र संचालकों से सांठगांठ करके रेलवे की ऑन लाइन परीक्षाओं में मोबाइल व इंटरनेट के जरिए जमकर धांधली की गई। इस संबंध में केंद्रीय सतर्कता आयुक्त को शिकायती पत्र भेजा गया है।
रेलवे भर्ती बोर्ड ने रोजगार सूचना संख्या 03/2015 के तहत गैर तकनीकी लोकप्रिय श्रेणी (स्नातक स्तरीय) के विभिन्न पदों के लिए 26 दिसंबर 2015 को ऑन लाइन आवेदन मांगे थे। आवेदन भरने की अंतिम तिथि 25 जनवरी 2016 थी, इसमें अधिकांश परीक्षार्थियों को ऑनलाइन ही बुलावा पत्र भेजे गए थे।
रेलवे बोर्ड द्वारा अधिकांश परीक्षार्थियों की परीक्षाएं उनके ही शहर में मार्च से मई के बीच विभिन्न केंद्रों पर आयोजित कराई गई। आरोप है कि उक्त परीक्षा में कई परीक्षार्थियों ने केंद्र संचालकों से सांठगांठ कर इलेक्ट्रानिक संसाधन व साल्वरों के माध्यम से मदद लेकर अनुचित ढंग से परीक्षा दी। केंद्रों के समीप ही इंटरनेट के माध्यम से प्रश्नों के उत्तर खोजे गए तथा ब्लू टूथ व अन्य इलेक्ट्रानिक माध्यमों से परीक्षार्थियों तक पहुंचाएं गए।
इलाहाबाद, पुणे व नई दिल्ली के आठ परीक्षा केंद्रों पर 22 अप्रैल को आयोजित परीक्षा निरस्त कर दो मई को संपन्न कराई गई, जिसका उद्देश्य संबंधित परीक्षार्थियों को लाभ पहुंचाना था।
इस दौरान रेलवे भर्ती बोर्ड ने न तो परीक्षार्थियों के अनुपात में भ्रष्टाचार निरोधक दस्ते गठित किए, जिसके कारण परीक्षा केंद्रों पर समय रहते निगरानी नहीं हो सकी। इससे बोर्ड नकल विहीन परीक्षा कराने में सफल नहीं हो सका। केंद्रीय सतर्कता आयुक्त को भेजी शिकायत में चंद्रशेखर आजाद मुहल्ला निवासी धीरज नरवरिया व परवेज हसन व रोहित सिंह यादव ने उक्त प्रकरण की विशेष जांच कराने की मांग की है।