केंद्र सरकार की ओर से करवाए गए स्वच्छता एप रिपोर्ट के मुताबिक यूपी में सफाई के मामले में झांसी चौथे स्थान पर है। यानी यहां सफाई इंतजाम बेहतर हैं। इस रिपोर्ट के इतर बात करें तो शहर में अभी भी कई इलाकों में गंदगी पसरी है। एप के जरिए तीन हजार लोगों ने फीडबैक दिया है। पहले स्थान पर वाराणसी, दूसरे पर सहारनपुर और तीसरे स्थान पर आगरा ने जगह बनाई है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत केंद्र सरकार ने जानना चाहा था कि महानगरों में सफाई की क्या स्थिति है। इसके लिए सरकार ने तय किया था कि डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में कितना कार्य हो रहा है। ई-टेंडरिंग की क्या प्रगति है, विभागीय संपत्तियां और दस्तावेज ऑनलाइन हैं या नहीं। शौचालयों की स्थिति क्या है। सर्वे के दौरान शहरवासियों से सिटीजन फीडबैक लिया गया था। इसके लिए स्वच्छता ऐप पर आने वाली शिकायतों का निस्तारण भी किया गया। तीन हजार लोगों से फीडबैक लिया गया, फिर ऑलओवर रैंकिंग कराई गई। शहर में अभी भी प्रमुख बाजारों, सड़कों के आसपास, कई मोहल्लों और कई इलाकों में अभी भी कचरा फैला है।
ऑलओवर रैंकिंग में देश के 150 शहरों में झांसी को 78 वां स्थान मिला है। बताया गया कि झांसी में साठ वार्ड हैं, इनमें 45 वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन हो रहा है। ई- टेंडरिंग हो रही है। नगर निगम की संपत्तियां ऑनलाइन करने की प्रक्रिया चल रही है। विभागीय दस्तावेज ऑनलाइन किए जा रहे हैं।
सर्वे के बाद रिपोर्ट केंद्र सरकार की ओर से गठित क्वालिटी काउंसिल आफ इंडिया को भेजी जाएगी। इसी आधार पर ग्रेडिंग होगी और इसी आधार पर शहर को फंड एवं अन्य योजनाओं के लिए पैसा दिया जाएगा, ताकि शहर तेजी से विकास करे।
25 मार्च को सबमिट होगा स्मार्ट सिटी का ब्योरा
शहर को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिले, इसके लिए 21 सितंबर को घोषित हुई दूसरी रैंकिंग में झांसी शहर 0.44 प्वाइंट से पिछड़ गया था। शहर को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिले, इसके लिए आठ हजार लोगों ने ऑनलाइन कमेंट दिए थे। आठ हजार कमेंट आने के बाद इसका टारगेट पूरा हो गया था। अब 25 मार्च को इसका ब्योरा सबमिट होगा और रैंकिंग घोषित की जाएगी।
उम्मीद है स्मार्ट सिटी का दर्जा मिलेगा
पिछली बार झांसी सिर्फ 0.44 प्वाइंट से पिछड़ गया था। लेकिन, अब इसकी तैयारी पूरी है। उम्मीद है कि शहर को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिल जाएगा। वहीं, स्वच्छता के मामले में भी शहर ने प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त किया है। यह अच्छा संकेत है।
- राकेश साहू
आईटी एक्सपर्ट, नगर निगम