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बुंदेलखंड की पांच सड़कें जल्द ही राज्य राजमार्ग में होंगी परिवर्तित

Tue, 19 Nov 2019 04:57 PM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
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बुंदेलखंड की पांच सड़कें जल्द ही राज्य राजमार्ग में परिवर्तित की जाएंगी। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी ने कवायद शुरू कर दी है। इन सड़कों के राजमार्ग में तब्दील होने से आसपास के जिलों की कनेक्टिविटी बेहतर बनाई जा सकेगी। सड़कों के ट्रैफिक लोड के आधार पर उनको अपग्रेड किया जाता है। इस समय बुंदेलखंड में झांसी मंडल से तीन सड़कें एवं बांदा से गुजरने वाली दो सड़कों को राज्य राजमार्ग में तब्दील करने की प्रक्रिया आरंभ की गई है। पीडब्ल्यूडी अभियंताओं के मुताबिक झांसी मंडल में झांसी के उरई-हमीरपुर को जोड़ने वाला 96 किलोमीटर लंबा राठ-कालपी-मदारीपुर मार्ग एवं 106.09 किमी लंबे दबोह-पूंछ-गुरसराय-टीकमगढ़ मार्ग को राजमार्ग में बदला जा रहा। राजमार्ग हो जाने पर उरई-हमीरपुर सड़क का नाम बदलकर एस-130 हो जाएगा जबकि दबोह सड़क का नाम एसएच-131 हो जाएगा। इसी तरह ललितपुर की 71 किलोमीटर लंबी देवगढ़-ललितपुर-टीकमगढ़ पार्क सड़क एचएच-132 में तब्दील हो जाएगी।

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इनके अलावा बांदा की दो सड़कों को भी राजमार्ग में बदलने का प्रस्ताव है। इसमें बांदा-चित्रकूट का 66 किलोमीटर लंबा बांदा-बिसंडा-ओरन मार्ग एवं बांदा-हमीरपुर को जोड़ने वाला 80 किलोमीटर लंबा बबेरु-तिंदवारी-सुमेरपुर मार्ग शामिल है। प्रस्ताव पर मुहर लगने पर बांदा-चित्रकूट सड़क का नाम बदलकर एसएच-133 एवं बांदा-हमीरपुर का एसएच-134 हो जाएगा। अधीक्षण अभियंता सुनील कुमार के अनुसार जरूरी प्रक्रिया पूरी होते ही इन सड़कों को यह दर्जा मिल जाएगा। इन सड़कों के अपग्रेड होने से आवाजाही में सहूलियत मिलेगी।


अभी झांसी में सिर्फ एक राजमार्ग

अभी झांसी में सिर्फ एक राज्य राजमार्ग-हमीरपुर-राठ-चिरगांव ही है। इसके तीन सड़कों के राजमार्ग पर तब्दील होने से झांसी में इनकी संख्या तीन हो जाएगी। वहीं, ललितपुर में अभी एक भी राज्यमार्ग नहीं है। इस कवायद के बाद वहां भी एक राजमार्ग हो जाएगा।

न्यूनतम सात मीटर होगी सड़क की चौड़ाई

राज्य राजमार्ग का दर्जा मिलने के बाद इन सड़कों की न्यूनतम चौड़ाई सात मीटर की हो जाएगी। पीडब्ल्यूडी शेड्यूल के मुताबिक 3.5 मीटर की एक लेन मानी जाती है। इस तरह यह सड़कें न्यूनतम दो लेन की हो जाएंगी। इसी तरह राजमार्ग में परिवर्तित होने पर इनकी मरम्मत एवं देखरेख का कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर कराने होंगे।

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