अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष उदय नारायण राजपूत के भतीजे दीपक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उसकी मौत की गुत्थी उलझा दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दीपक के सीने की चार पसलियों के टूटने के साथ ही उसके सिर में चोट के निशान भी मिले। ऐसे में हत्या करने के बाद उसके शव को फंदे से लटकाने की आशंका जताई जा रही है। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की है। वहीं, खुलासे के लिए स्वॉट टीम भी लगाई गई है। स्वॉट ने पूछताछ के लिए आधा दर्जनों लोगों को उठाया है।
कोतवाली के पुरानी तहसील निवासी सुरेंद्र राजूपत का छोटा पुत्र दीपक राजूपत (22) जिला अस्पताल के पर्चा काउंटर पर संविदाकर्मी था। उसके चाचा उदय नारायण बार के पूर्व अध्यक्ष हैं। उनका पुश्तैनी मकान मोंठ के अटरिया गांव में है। 26 मई को दीपक अकेले अटरिया स्थित पुश्तैनी मकान में गया था लेकिन, सोमवार को भी लौटकर नहीं आया। तलाशते हुए परिजन तब गांव पहुंचे तब एक कमरे में दीपक का शव फंदे से लटक रहा था। उसके फोन का सारा डेटा भी डिलीट था। शुरू में उसके खुदकुशी करने की बात कही जा रही थी।
शव के पोस्टमार्टम कराने पर खुदकुशी की पूरी कहानी ही पलट गई। पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके सीने में गहरी चोट के निशान मिले। सीने की चार पसली टूटी हुई थी जबकि सिर में भी चोट के निशान थे। इन दोनों चोट की वजह से उसकी जान गई। फोन से डेटा डिलीट होने से भी पुलिस को हत्या का शक है। सीओ मोंठ हरिमोहन सिंह का कहना है पिता की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। खुलासे के लिए तीन अलग-अलग टीम लगाई गई है।
इनसेट
बर्थ डे बनाने गया था गांव
छानबीन में जुटी पुलिस को मालूम चला कि दीपक गांव में किसी का बर्थ डे मनाने गया था लेकिन, अभी यह मालूम नहीं चल सका कि आखिर वह किसका बर्थ डे मनाने गांव गया था। पुलिस प्रेम प्रसंग के एंगल से भी मामले की छानबीन कर रही है। उसके पुश्तैनी घर के आसपास रहने वालों का कहना है कि आधी रात तक वह मोबाइल में गाना सुन रहा था। उसके बाद उसे किसी ने नहीं देखा। पुलिस मोबाइल डेटा की रिकवरी करने की भी कोशिश कर रही है।