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महिला अस्पताल में दोपहर दो बजे के बाद सिजेरियन प्रसव के लिए रेफर करने पड़ते हैं मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। एक ओर मोंठ के ट्रामा सेंटर में जहां चार-चार एनेस्थेटिस्ट तैनात हैं, वहीं शहर के महिला जिला अस्पताल में एक भी निश्चेतना विशेषज्ञ नहीं है। ऐसे में महिला अस्पताल से मरीजों को सिजेरियन प्रसव के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ता है। इससे गर्भवतियों को परेशानी हो रही है। जबकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी आंखें मूंदे हैं।
महिला अस्पताल में एनेस्थेटिस्ट का एक पद सृजित है। यहां गायनकोलॉजिस्ट की भी तैनाती है। करीब एक साल पहले यहां तैनात निश्चेतना विशेषज्ञ सेवानिवृत्त हो गए। उनके बाद से इस पद पर किसी की भी तैनाती नहीं हुई है। सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक जिला अस्पताल से निश्चेतना विशेषज्ञ को बुलाकर किसी तरह सिजेरियन डिलीवरी कराई जा रही है। दो बजे के बाद सिजेरियन प्रसव का कोई मरीज आता है तो उसे मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ता है। हाल ये है कि 21 मई को सदर विधायक रवि शर्मा की परिचित की सिजेरियन डिलीवरी निश्चेतना विशेषज्ञ की कमी के कारण नहीं हो सकी। इस पर विधायक ने नाराजगी भी जताई। उसे मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ा।
दूसरी तरफ, मोंठ के ट्रामा सेंटर में निश्चेतना विशेषज्ञों की भरमार है। यहां पर एक-दो नहीं, बल्कि चार एनेस्थेटिस्ट तैनात हैं। इसमें एक जिला अस्पताल के निश्चेतना विशेषज्ञ यहां अटैच हैं। जबकि, यहां पर गंभीर सर्जरी नहीं होती है। यहां दो ऑर्थोपेडिक सर्जन तो हैं मगर जनरल सर्जन कोई नहीं है। ऐसे में ट्रामा सेंटर में इतने एनेस्थेटिस्ट की जरूरत ही नहीं है। मगर स्वास्थ्य विभाग के अफसर व्यवस्थाएं सुधारने पर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं।
तीन की जगह सिर्फ एक ईएमओ तैनात
महिला अस्पताल में इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर यानी ईएमओ के भी तीन पद स्वीकृत हैं। मगर मौजूदा समय में एक ही ईएमओ तैनात हैं। स्वास्थ्य विभाग ने एक ईएमओ को सप्ताह में तीन दिन के लिए अटैच किया है। लेकिन, आठ-आठ घंटे की शिफ्ट के लिए तीन ईएमओ की तैनाती होनी चाहिए।
वर्जन..
एक साल पहले एकमात्र एनेस्थेटिस्ट सेवानिवृत्त हो गए थे। सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक जिला अस्पताल के एनेस्थेटिस्ट से सेवाएं ली जाती हैं। पिछले महीने 24 सिजेरियन डिलीवरी भी हुई हैं। अब एक एनेस्थेटिस्ट की तैनाती की मांग एडी हेल्थ से की गई है। - डॉ. राजनारायण, सीएमएस, महिला अस्पताल।
जिला अस्पताल के दो निश्चेतना विशेषज्ञ महिला अस्पताल में अटैच हैं। अगर कोई नहीं आ रहा है, तो अस्पताल के अधिकारी सीएमओ को इसकी सूचना दें। एक और चिकित्सक को एनेस्थीसिया की ट्रेनिंग दिलाई गई है। बतौर एनेस्थेटिस्ट उनसे भी सेवाएं ली जा सकती हैं। - डॉ. सुमन, एडी हेल्थ।