झांसी। लक्ष्मी ताल की सौंदर्यीकरण योजना के तहत बनाए जा रहे ट्रीटमेंट प्लांट के लिए शासन ने जमीन उपलब्ध करा दी है। यह जमीन जल निगम से नगर विकास विभाग के नाम हस्तांतरित कर दी गई है।
लक्ष्मी ताल के सौंदर्यीकरण की बड़ी चुनौती इसमें जाने वाले गंदे पानी को रोकना है। ताल में शहर के पांच नालों का गंदा पानी गिरता है। इसकी रोकथाम के लिए यहां यूरोपियन स्टैंडर्ड का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाना है। नालों का पानी पहले प्लांट में जाएगा।
प्लांट से प्रतिदिन चार एमएलडी पानी चार बीओडी (नहाने योग्य) तक शुद्ध कर ताल में डाला जाएगा। कार्यदायी संस्था जल निगम द्वारा प्लांट के लिए राजकीय उद्यान नारायण बाग में चार एकड़ जमीन चिह्नित की गई थी। यह जमीन उद्यान विभाग के नाम दर्ज थी। लंबी कागजी कार्यवाही के बाद शासन स्तर से उक्त जमीन उद्यान विभाग से नगर विकास विभाग के नाम हस्तांतरित कर दी गई है।
सर्वे पूरा, डिजाइन का काम शुरू
झांसी। जल निगम द्वारा ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की जिम्मेदारी जियोमिलर कंपनी को सौंपी गई है। कंपनी द्वारा प्लांट की स्थापना के लिए सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। अब इसकी डिजाइन बनाई जा रही है। यह जानकारी देते हुए जल निगम के मुख्य अभियंता राजेश मित्तल ने बताया कि कंपनी द्वारा ट्रीटमेंट प्लांट की डिजाइन तैयार की जा रही है। जनवरी माह के प्रथम सप्ताह में मौके पर काम शुरू करने की योजना है।