वन विभाग द्वारा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने पर नगर&nbs
झांसी। डीएफओ आवास पर गेट बनाने पर शुक्रवार को वन विभाग घिर गया। स्थानीय पार्षद ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया। सूचना पर पुलिस और नगर निगम की टीम भी मौके पर पहुंची। यहां भूमि की पैमाइश कराई गई। पार्षद का कहना है कि माप के बाद बाउंड्रीवाल के छह मीटर अंदर तक सरकारी सड़क होने की पुष्टि हुई है।
इलाहाबाद बैंक चौराहे के पास प्रभागीय वनाधिकारी का आवास बना हुआ है। बताया गया कि यहां करीब एक साल पहले बाउंड्रीवाल के निर्माण का काम हुआ था। इसके बाद गेट लगाने की जगह छूटी हुई थी। शुक्रवार को विभाग की ओर से गेट लगाने का काम शुरू हुआ। जैसे ही इसकी जानकारी स्थानीय पार्षद विकास खत्री को लगी तो वह पार्षद महेश गौतम समेत कुछ लोगों के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने गेट निर्माण का काम रोकने के लिए कहा। जब श्रमिकों ने काम जारी रखा तो पार्षद ने फोन करके पुलिस बुला ली। साथ ही नगर निगम की टीम भी भूमि की पैमाइश करने के लिए पहुंच गई। सड़क से भूमि की माप की गई।
इस पर पार्षद ने कहा कि जांच के दौरान बाउंड्रीवाल के छह मीटर अंदर तक सरकारी मार्ग होने की पुष्टि हो गई है। इस कारण काम रुकवा दिया गया। उन्होंने कहा कि तीन दिन में बाउंड्रीवाल को नहीं हटाया गया तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। कहा कि बाउंड्रीवाल के बनने के बाद से अंधा मोड़ होने से हादसे का खतरा भी बढ़ गया है। वहीं, इस मामले में वन विभाग के रेंजर विमलेश कुमार का कहना है कि दीवार बहुत पहले ही बन चुकी थी। शुक्रवार को गेट लगाने का काम चल रहा था। स्थानीय पार्षद आकर आपत्ति दर्ज कराने लगे। नगर निगम की टीम ने पैमाइश की है। रिपोर्ट के बारे में जानकारी नहीं दी है।
दस्तावेजों का करेंगे परीक्षण
डीएफओ आवास पर लग रहे गेट के मामले में पार्षद की शिकायत पर नगर निगम की टीम ने मौके पर जाकर भूमि की पैमाइश की है। दस्तावेजों का परीक्षण करके देखा जाएगा कि यह सड़क नगर निगम की है या पीडब्ल्यूडी की। अगर सड़क पीडब्ल्यूडी की निकलती है, तो प्रकरण उनके पास भेज दिया जाएगा।
-राहुल कुमार यादव, अपर नगर आयुक्त।