एक साल पहले उच्चाधिकारियों ने निरीक्षण के बाद उन्नाव गेट बाहर नगर निगम की एक जमीन को क्लीन चिट दी थी। शासन ने लैब के निर्माण के लिए 29 करोड़ में से आठ करोड़ रुपये जारी भी कर दिए। काम शुरू हुआ लेकिन कुछ दिन बाद यहकर इसे रोक दिया गया कि यह जगह उपयुक्त नहीं है। इसके बाद तय हुआ कि पीएसी राजगढ़ में फारेंसिक लैब बनाई जाए लेकिन वहां भी अनुमति नहीं मिली। अब फिर नगर निगम से जमीन मांगी गई है। शर्त रखी गई है कि लैब के लिए जमीन शहरी क्षेत्र में ही होनी चाहिए ताकि बुंदेलखंड से आने वाले लोगों को किसी भी तरह की परेशान का सामना नहीं करना पड़े। फोरेंसिक विभाग के प्रभारी हेमंत का कहना है कि लैब के लिए जमीन तलाशी जा रही है।