यह पहला मौका था जब महानगर के चौदह बिल काउंटरों पर 5.50 करोड़ का राजस्व जमा हुआ। गौरतलब है कि बिजली बिल भुगतान के लिए पांच और एक हजार के नोट मान्य कर दिए गए हैं।
पांच सौ व हजार के नोट अमान्य होने के बाद बृहस्पतिवार तक बिजली काउंटरों पर सन्नाटा छाया हुआ था। मगर, इसके बाद बिजली काउंटरों पर पांच सौ व हजार के नोट लेने का आदेश आते ही शुक्रवार को सुबह से ही बिल जमा करने वालों की कतार लगना शुरू हो गई। महानगर के सुकुवां ढुकुवां कालोनी कार्यालय, मुन्नालाल सबस्टेशन, सूती मिल सबस्टेशन, रानीमहल सबस्टेशन सहित सभी काउंटरों पर देर रात भीड़ रही।
खूब हुआ नोट बदलने का काम
बिल जमा काउंटरों पर पांच सौ व हजार के साथ ही सौ, पचास व दस रुपये के भी खूब नोट आए। खुल्ले रुपये लेने के लिए लोग काउंटरों पर बैठे कर्मचारियों की खुशामद करते रहे। इनमें बिजली विभाग के कई अधिकारी व कर्मचारी भी शामिल रहे।
कनेक्शन कटते ही दौड़े उपभोक्ता
विद्युत अधिकारियों के लिए बकाया हासिल करने का यह अच्छा मौका था। इस दौरान महानगर के दो सौ से अधिक बड़े बकायेदारों के कनेक्शन काट दिए गए। कनेक्शन कटते ही उपभोक्ता जागे और वह बकाया जमा करने के लिए भागदौड़ शुरू कर दी। इनमें डेढ़ सौ से अधिक बकायेदार उपभोक्ताओं के कनेक्शन बकाया जमा होने पर जोड़ दिए गए।