अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। तीन नए कानून लागू होने के बाद दोषियों को सजा दिलाने के लिए सुबूत भी पुख्ता किए जाएंगे। इसके लिए फॉरेंसिक टीम को भी मजबूत बनाया जाएगा। अभी तक पुलिस अफसरों की इच्छा पर ही फॉरेंसिक टीम को बुलाया जाता था लेकिन, अब सात साल से अधिक सजा वाले प्रत्येक मामलों में फॉरेंसिक टीम को बुलाना होगा।
भारतीय न्याय संहिता के लागू होने के साथ कई आमूल चूल बदलाव आए हैं। मुकदमा दर्ज होने के बाद विवेचना मजबूती से हो, इसके लिए फॉरेंसिक टीम की भूमिका भी अब अहम होगी। पुलिस अफसरों का कहना है कि सात साल अथवा इससे अधिक की सजा वाले सभी अपराधों में फॉरेंसिक टीम भी साक्ष्य लेगी। इस तरह वैज्ञानिक रीति से सुबूत जुटाए जाने को भी बढ़ावा दिया जाएगा। पांच साल के भीतर सभी स्थानों पर फॉरेंसिक टीम को मजबूत करने की बात कही गई है। इसके लिए लैब भी आधुनिक बनाई जाएगी। जिससे जांच रिपोर्ट तयशुदा समय पर मिल सके। इसी तरह पुलिस विवेचना से लेकर कोर्ट तक की प्रक्रिया को कंप्यूटराइज्ड किया जाएगा। कोर्ट में ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग प्रस्तुत की जाएगी। गवाहों की ई पेशी भी हो सकेगी। एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि इससे मामलों को सटीक तरीके से निस्तारित करने में आसानी होगी।