झांसी। सिंचाई विभाग मेें मृतक आश्रित कोटे से भर्ती बीस लिपिकों के नियमितीकरण के लिए बुधवार को बंद कमरे के भीतर टाइप टेस्ट हुआ। टेस्ट में पांच कर्मचारी शामिल ही नहीं हुए। टेस्ट में शामिल पंद्रह कर्मचारियोें में महज सात कर्मचारी ही टाइप टेस्ट पास कर सके। अनुत्तीर्ण कर्मचारियों में दो के ऊपर नौकरी जाने का खतरा पैदा हो गया है।
चतुर्थ मंडल में मृतक आश्रित कोटा के अंतर्गत नौकरी पाने वाले बीस कर्मचारी अभी तक टाइप टेस्ट पास नहीं कर सके हैं जबकि इनको दो वर्ष के भीतर इसे पास करना जरूरी होता है। इसमें अनुत्तीर्ण होने पर कर्मचारियों को नौकरी से हटाने का प्रावधान है। इतना समय बीतने की वजह से यह टाइप टेस्ट विवादों में घिर गया। काफी ऊहापोह के बाद बुधवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय में परीक्षा हुई। पूरी परीक्षा बंद कमरे में कराई गई। यहां किसी को जाने की इजाजत नहीं दी गई। अफसरों के मुताबिक दो साल से कम वाले ग्रुप में आठ कर्मचारी शामिल हुए जबकि दो वर्ष से अधिक वाले ग्रुप में 9 कर्मचारी शामिल हुए। कमेटी अध्यक्ष एवं अधिशासी अभियंता अजय कुमार भारती के मुताबिक परीक्षा में पांच कर्मचारी अनुपस्थित रहे। दो साल से कम वाले ग्रुप में 6 कर्मचारी असफल हुए जबकि दो साल से अधिक वाले ग्रुप में दो कर्मचारियों असफल रहे।