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बिना लाइसेंस मेडिकल स्टोर चलाने पर पांच पर मुकदमा

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medicine.jpg - फोटो : medicine.jpg
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झांसी। बिना लाइसेंस मेडिकल स्टोर चलाने पर औषधि प्रशासन विभाग ने पांच लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया है। एक के यहां प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन भी बिकता हुआ मिला। सभी जगह से ढाई लाख की दवाएं भी सील की गई हैं।
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औषधि प्रशासन विभाग ने अंबावाय, बिजौली, सिविल लाइन, तालपुरा और तालबेहट में छापेमारी कर बिना लाइसेंस के दवाओं की बिक्री करने का मामला वर्ष 2019-20 में पकड़ा था। इसके बाद मामले की विवेचना शुरू की गई। इसी बीच कोरोना वायरस का प्रकोप आ गया और विवेचना ठंडे बस्ते में चली गई। कोविड थमा तो विभाग ने कार्रवाई फिर शुरू कर दी। जांच के बाद अब इन पांचों स्थानों पर बिना लाइसेंस के मेडिकल स्टोर संचालन पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। औषधि निरीक्षक उमेश भारती ने बताया कि अंबावाय में नंदराम, बिजौली में रविंद्र, सिविल लाइन में अमर, तालपुरा में रबलेश और तालबेहट में प्रेमप्रकाश अवैध रूप से दवाओं की बिक्री कर रहे थे। पांचों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। तालपुरा में तो प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की भी बिक्री होती मिली। उन्होंने बताया कि सभी को मिलकार ढाई लाख की दवाएं सील की गई थीं।
सात साल तक की सजा का प्रावधान
औषधि निरीक्षक के मुताबिक बिना लाइसेंस दवाओं की बिक्री करना अपराध है। दोष साबित होने पर पांच से सात साल की सजा हो सकती है। इसके अलावा जितने रुपये की दवाएं सील की गई हैं, उसकी दस गुना पेनाल्टी लगाई जा सकती है।
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