रमजान का पहला रोजा 28 मई इतवार को रखा जाएगा। शुक्रवार की शाम को चांद नहीं दिखने पर बिसाती बाजार मस्जिद में मौलाना अमिल कासमी की अध्यक्षता में हुई चांद कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। शनिवार की रात से तरावीह की नमाज पढ़ी जाएगी।
चांद के दीदार के लिए मुस्लिम समुदाय के लोग शुक्रवार की शाम को अपने घरों और मजिस्दों की छतों पर जुटे रहे। मगरिब की नमाज से पहले और बाद में भी लोगों की निगाहें आसमान पर टिकी रहीं। लेकिन, काफी देर बाद तक चांद नजर नहीं आया।
शाम को बिसाती बाजार मस्जिद में मौलाना अमिल कासमी की अध्यक्षता में चांद कमेटी की बैठक हुई। इसमें तय किया गया कि रमजान का पहला रोजा इतवार 28 मई को रखा जाएगा। बैठक में सचिव मौलाना फखरुद्दीन कासमी, मौलाना एजाज, मौलाना मुसर्रत एवं अन्य सदस्य मौजूद रहे। मुफ्ती साबिर कासमी ने बताया कि शनिवार 27 मई की रात से तरावीह पढ़नी शुरू हो जाएगी। इधर, इज्म शिया मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी के महामंत्री सैयद शहनशाह हैदर आब्दी ने बताया कि शिया चांद कमेटी की बैठक मौलाना शाने हैदर की अध्यक्षता में हुई। इसमें तय किया कि चांद न दिखने पर पहला रोजा 28 मई इतवार को रखा जाएगा।
बाजार में रही भीड़, खरीदे खजूर
पूरे दिन मुस्लिम समाज के लोग रमजान की तैयारियों में जुटे रहे। मस्जिदों के आसपास और घरों, गलियों में साफ-सफाई की गई। बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखा गया। रमजान को लेकर महानगर के सजे बाजारों में शाम को मुस्लिम समाज के लोग खरीदारी करने निकले। लोगों ने खजूर, सेवईं समेत अन्य खानपान की सामग्री और धार्मिक वस्तुएं खरीदीं।
हाफिज सिद्दीक कालेज में तरावीह
झांसी। हाफिज सिद्दीक नेशनल इंटर कालेज में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी रमजान में छह दिन की तरावीह आयोजित होगी। इसमें हजरत मौलाना कारी हसीब अहमद साहब हथौरा तशरीफ ला रहे है। चांद दिखने के बाद वह नमाजे तरावीह अदा कराएंगे। यह जानकारी कालेज प्राचार्य ने दी है।