झांसी। जिला महिला अस्पताल के प्रसव कक्ष में लगे पंखे से अचानक धुआं उठने लगा। धुआं इतना अधिक था कि मौजूद स्टाफ को घुटन होने लगी। जिसके चलते अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। उसी समय गर्भवती महिला ने बच्चे को जन्म दिया तो मौजूद कर्मचारियों ने सूझबूझ व बहादुरी का परिचय देते हुए महिला व नवजात को लेबर रूम से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया व फायर सिलिंडर से धुएं पर काबू पाया।
अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के सामान्य प्रसव को लेबर रूम में कराया जाता है। लेबर रूम में एयर कंडीशन के साथ ही पंखो को भी लगाया गया है। सोमवार को प्रसव कक्ष में एक महिला का प्रसव कराया जा रहा था। वहीं एक अन्य महिला की जांच की जा रही थी। तभी लेबर रूम में लगे पंखे के भीतर आग लग गई व उसमें से धुआं निकलने लगा। मौजूद कर्मचारी कुछ समझ पाते इससे पहले ही लेबर रूम व कॉरीडोर में धुआं भर गया। जिसके चलते मौजूद कर्मचारियों का दम घुटने लगा। इसी समय महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया तो लेबर रूम के स्टाफ ने नवजात व महिला को निकाल कर वार्ड में पहुंचाया। वहीं जांच करा रही महिला को भी सुरक्षित निकाला गया।
इस संबंध में अस्पताल के सीएमएस डॉ. बीके दीक्षित ने बताया की पंखे के भीतर आग लगने से लेबर रूम में धुआं भर गया था। मौजूद कर्मचारियों ने फायर सिलिंडर से धुएं पर काबू कर लिया गया है। इलैक्ट्रीशियन द्वारा जले हुए पंखे को हटा दिया गया है।
प्रसव कक्ष में अचानक आग लगने से हम लोग काफी डर गए थे। लेकिन मौजूद स्टाफ ने काफी समझदारी से महिला व नवजात को निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने फायर सिलिंडर से आग व धुएं पर काबू पाया है।
वंदना, लेबर रूम इंचार्ज