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अपराजिता: सेवा के जज्बे से लड़ रहीं कोरोना से जंग

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पाल कालोनी में दिल्ली से आने वाले मजदूरों के लिए खाने की व्यवस्‍था करती महिलाएं।
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झांसी। यूं तो परिवार में आने वाली हर मुसीबत का डटकर सामना करने के लिए आधी आबादी तैयार रहती है, लेकिन देश में आई विपत्ति और महामारी से निपटने के लिए नारी शक्ति आगे आ रही है। हर चेहरे पर मुस्कान बिखेरने और वायरस से बचने का संदेश देते हुए अपराजिता बनकर महिलाएं खूब पहल कर रही हैं। कोई बाहरी प्रदेशों से लौट रहे मजदूरों और परिवारों का इलाज कर रही है, तो उनकी भूख मिटाने के लिए जुटी है। कोरोना की जंग में महिलाएं सेवाभाव का परिचय दे रही हैं।
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ताकि वायरस से बचे रहें बच्चे
महानगर के ग्वालियर रोड निवासी मालती साहू भी कोरोना से बचाव के लिए लोगों को जागरूक कर रही हैं। वे गली में खेलने के लिए आने वाले बच्चों को घर में रहने के लिए कहती हैं। साथ ही बच्चों के हाथ साबुन से धुलवाती हैं। इसके साथ ही मजदूरों के लिए खाना बनाने में मदद करती हैं।
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मजदूरों के लिए बना रहीं भोजन
महानगर की पाल कॉलोनी में कोरोना से बचाव के लिए महिलाएं जुटी हैं। पॉल कॉलोनी में बृजेंद्र सिंह राजपूत के आवास पर बाहरी प्रदेशों से आ रहे मजदूरों के लिए खाना बनाया जा रहा है। इसमें कॉलोनी की महिलाएं बढ़-चढ़कर सहयोग कर रही हैं। महिलाएं घर का काम निपटाने के बाद सुबह 10 बजे से दोपहर तीन बजे तक पूड़ियां और सब्जी बनाती हैं। इस दौरान सैनिटाइजेशन का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।
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कहती हैं महिलाएं
कोरोना से बचने के लिए पहल कर रहे हैं। साथ ही बाहर से लौट रहे मजदूरों के लिए खाना बना रहे हैं। यह भी सेवा ही है।- मुन्नी राजपूत
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घर से बाहर निकलना तो मना है। इसलिए घर में रहकर ही कोरोना से बचने के लिए पहल कर रहे हैं। ताकि सबकी मदद हो सके।- अर्चना गुप्ता
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बाहर से लौट रहे लोगों के लिए भोजन बना रहे हैं। तीन दिन से काम में जुटे हैं। यह काम करके अच्छा लगता है। मन को शांति मिलती है।- काजल श्रीवास
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कोरोना से जंग में हर कोई मदद कर रहा है। हम ज्यादा कुछ नहीं कर सकते, इसलिए बस खाना बनाकर मदद कर रहे हैं।- भागवती पाटीदार
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