रेलमार्ग पर एक साल में ट्रेनों से कटे ढाई हजार मवेशी
झांसी रेल मंडल ने रेलवे बोर्ड काे भेजा फेंसिंग का प्रस्ताव
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। झांसी रेल मंडल के प्रमुख रेलमार्ग बीना-धौलपुर के दोनों ओर पांच फीट ऊंची फेंसिंग कराई जाएगी। इस रेलमार्ग पर लगातार हो रहीं मवेशियों के ट्रेन से टकराने की घटनाओं को देखते हुए अफसरों ने 200 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर रेलवे बोर्ड को भेजा है। अफसरों के मुताबिक धौलपुर-बीना के बीच एक साल में 2520 मवेशी ट्रेन की चपेट में आकर कटे हैं। इससे इंजन और कोच क्षतिग्रस्त होने के साथ ही सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ रहा है।
झांसी मंडल के बीना और धौलपुर के बीच प्रतिदिन 70 ट्रेनों का संचालन होता है। रेलमार्ग पर देश की सबसे लोकप्रिय और हाईस्पीड ट्रेन वंदेभारत, गतिमान, शताब्दी और राजधानी जैसी ट्रेनें भी दौड़ती हैं। इस रेलमार्ग पर मवेशी रेलवे के लिए सबसे बड़ा खतरा बनते हैं। किसी ट्रेन के आगे मवेशी आता है तो इंजन का कैटल गार्ड, एयर प्रेशर पाइप और अन्य पुर्जे क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक बीना-धौलपुर रेलमार्ग पर बीते एक साल में 2,520 यानी प्रतिदिन औसतन सात मवेशी ट्रेन की चपेट में आने से कट चुके हैं। अब रेलवे ने यहां पांच फीट तक ऊंची पिलर के साथ फेंसिंग कराने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है। इसकी लागत 200 करोड़ रुपये आंकी गई है। बता दें कि अभी 216 करोड़ रुपये की लागत से झांसी-कानपुर के बीच फेंसिंग का काम चल रहा है।
वर्जन
बीना-धौलपुर रेल लाइन पर प्रतिदिन औसतन सात कैटल रन ओवर की घटना होती हैं। इससे ट्रेनों का संचालन प्रभावित होता है। इस पर अंकुश लगाने के लिए यहां फेंसिंग कराने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है।
दीपक कुमार सिन्हा, मंडल रेल प्रबंधक, झांसी।