झांसी। हाथरस कांड की आग अभी ठंडी नहीं हो पाई थी कि झांसी में पॉलीटेक्निक छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म ने महिला सुरक्षा के दावों पर सवाल खड़े कर दिए। महिलाओं में घिनौनी हरकत को लेकर एक ओर दहशत नजर आ रही है, वहीं, सरकार के दावों और वादों को लेकर आक्रोश है। बिगड़ते हालात में बेटियों को पढ़ाने और आगे बढ़ाने की बात बेमानी नजर आ रही है। महिलाओं ने सामूहिक दुष्कर्म को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। साथ ही, सरकार से आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की।
बोली महिलाएं
महिला अपराधों को लेकर सरकार तमाम वादे करती है, लेकिन आए दिन सामने आ रही घटनाएं सवाल खड़े करती हैं। - सोनिया चड्ढा
आए दिन महिलाओं और बेटियों के साथ अपराध के मामले सामने आ रहे हैं। बिगड़ते हालातों में बेटियां कैसे आगे बढ़ेंगीं और पढ़ेंगीं।- सविता पचौरी
सरकार महिला सुरक्षा को लेकर नए-नए कानून बनाती है, लेकिन कोई भी कानून अमल में नहीं आता। आरोपियों को कड़ी सजा मिले।- गीता शर्मा ‘राधा’
महानगर में छात्रा के साथ हुई घिनौनी हरकत का पुरजोर विरोध करते हैं। महानगर महिलाओं के लिए महफूज नहीं रह गया है।- शोभा दुबे
दुष्कर्म की वारदातों की खबरें आए दिन सामने आती हैं। इन घटनाओं के बाद सरकार को इसे लेकर कड़े कदम उठाने की जरूरत है।- अल्पना उपाध्याय
महानगर में हुई वारदात महिलाओं की अस्मिता को चोट पहुंचाने वाली है। आरोपियों को जल्द से जल्द सजा और पीड़िता को न्याय मिले।- शैफाली अरोरा
महिलाओं के साथ हो रहे अपराधों को लेकर सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए। महानगर में छात्रा के साथ हुई घटना बेहद शर्मनाक है।- नेहा तिवारी
दुष्कर्म और छेड़छाड़ जैसी वारदातों को लेकर अब डर लगने लगा है। बेटियों के बाहर जाने के बाद से लौटकर आने तक चिंता बनी रहती है।- वंदना श्रीवास्तव
सरकार की ओर से बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन ऐसी वारदातें जमीनी हकीकत बयां कर रही हैं।- नीता तिवारी
बेटियों को आगे बढ़ाने और पढ़ाने की बातें खूब होती हैं। लेकिन दुष्कर्म की बढ़ती वारदातों से साफ है कि बेटियां कैसे आगे बढ़ेंगीं। - प्रीति शर्मा
दुष्कर्म की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार को कड़े कदम उठाने होंगे। पीड़िता को त्वरित न्याय दिलाने के लिए पहल की जाए।- रेशम सिंह
बेटियों को घर से बाहर भेजने में डर लगने लगा है। कहीं भी महिला और बेटियां सुरक्षित नहीं रह गई हैं। इस पर लगाम लगाई जाए।- रजनी गुप्ता
महिलाओं के साथ अपराध बढ़ रहे हैं। ऐसे में महिलाओं की सुरक्षा की बातें बेमानी नजर आती हैं। सरकार को घटनाओं पर रोक लगानी होगी।- रिचा अग्रवाल
लगातार बढ़ रही घटनाओं से दहशत बढ़ती जा रही है। पुलिस और प्रशासन भी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कोई पहल नहीं करता।- शबाना
महानगर में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। आए दिन लड़के बाइक लेकर सड़कों पर दौड़ते हैं, पीछा करते हैं। पुलिस भी सड़कों से गायब रहती है।- खुशबू दत्ता