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अनाज बेचने से इंकार करने पर पिता को लाठियों से पीटकर मार डाला

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झांसी। घर में रखा अनाज बेचने से इंकार करने पर दो बेटों ने पिता की लाठियों से पीटकर हत्या कर दी। कत्ल करने के बाद शव को घर के पीछे सीवर टैंक में फेंक दिया गया था। वारदात 31 मई की रात की बताई जा रही है। शुक्रवार को जब सीवर टैंक से दुर्गंध आई तो आसपास के लोगों को शक हुआ। पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने जब सीवर टैंक चेक कराया तो शव बरामद हुआ। पुलिस ने मृतक की पत्नी और पुत्रवधू को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो खुलासा हो गया। पुलिस आरोपी बेटों की तलाश में दबिश दे रही है।
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गरौठा सर्किल की सीओ आभा सिंह के मुताबिक कचीर गांव निवासी खुशीराम प्रजापति (55) पुत्र काशीराम अपने दो बेटे सुरेंद्र (30) एवं कौशल उर्फ छोटू (28) एवं अन्य परिजनों के साथ रहता था। सुरेंद्र एवं कौशल मजदूरी करते हैं जबकि खुशीराम खेती करता था। खुशीराम के मना करने के बावजूद घर का अनाज सुरेंद्र एवं कौशल बेच देते थे। खुशीराम की अपनी पत्नी शांति देवी से भी नहीं बनती थी। दोनों में अक्सर झगड़ा होता था। पुलिस को पूछताछ में मालूम चला कि अनाज बेचने को लेकर 31 मई की रात परिजनों में विवाद हुआ।
पिता की रोजाना की टोका टाकी से नाराज सुरेंद्र ने अपने छोटे भाई कौशल, पत्नी धनकुंवर एवं मां शांति देवी के साथ मिलकर खुशीराम को लाठी एवं डंडेे से जमकर पीटा। थोड़ी देर में खुशीराम की मौत हो गई। उसकी मौत होने के बाद चारों ने मिलकर उसका शव बोरे में भरकर घर के पीछे बने सीवर टैंक में फेंक दिया। टैंक के भीतर कंडे भर दिए। ऊपर पत्थर रखकर उसका मुंह बंद कर दिया। शुक्रवार शाम से टैंक से तेज दुर्गंध आने लगी। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। थोड़ी देर में ककरबई एसओ राजपाल सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने जब टैंक खुलवाया तब अंदर से खुशीराम का शव बरामद हुआ। उधर, पुलिस के पहुंचते ही उसके दोनों पुत्र घर से फरार हो गए। शांति देवी एवं धन कुंवर को पुलिस ने हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की तब उन्होंने पूरी घटना के बारे में बताया। खुशीराम के भाई रामजीवन की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। सीओ का कहना है कि आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
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शातिर पुत्रों ने दर्ज करा दी थी गुमशुदगी
पिता की हत्या करने के बाद दोनों शातिर पुत्र सुरेंद्र एवं कौशल ककरबई थाने जा पहुंचे। यहां पिता के लापता हो जाने की बात बताई। इन लोगों ने पुलिस को बताया कि पिता 30 मई को किसी काम से बाहर जाने की बात कहकर बाहर निकले थे लेकिन, 31 तारीख की देर-रात तक वापस नहीं लौटे। पुलिस ने उनकी तहरीर के आधार पर 31 मई को खुशीराम की गुमशुदगी भी दर्ज कर ली। अगर सीवर टैंक से बदबू नहीं आती तब खुशीराम के बारे में मालूम भी नहीं चलता।
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