चिरगांव। रबी की फसल की बोआई के लिए किसानों ने अभी से डीएपी और यूरिया खाद की व्यवस्था शुरू कर दी है, ताकि जरूरत के समय खाद की कमी के कारण परेशानी न हो। बुधवार को चिरगांव की सहकारी समिति और पीसीएफ समिति पर डीएपी उपलब्ध नहीं थी। हालांकि दोनों समितियों पर यूरिया मौजूद है।
सहकारी समिति के सचिव कौशल चतुर्वेदी ने बताया कि समिति में 1500 बोरी यूरिया उपलब्ध है, जबकि डीएपी का स्टॉक नहीं है। उन्होंने बताया कि अभी रबी फसल की बोआई शुरू नहीं हुई है। इसलिए किसान कम आ रहे हैं। किसानों की सुविधा के लिए उर्वरक सेतु एप की व्यवस्था की गई है। इसके माध्यम से किसान घर बैठे खाद की बुकिंग कर सकेंगे और निर्धारित तिथि पर नजदीकी समिति से खाद प्राप्त कर सकेंगे। इससे किसानों को बार-बार समिति के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
वहीं पीसीएफ के सचिव दीपक कुमार ने बताया कि समिति में यूरिया उपलब्ध है और किसानों को एक बार में अधिकतम पांच बोरी यूरिया दी जा रही है। डीएपी का स्टॉक समाप्त हो गया है। उन्होंने बताया कि दो-तीन दिन में डीएपी की खेप आने की उम्मीद है। किसानों को डीएपी के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा।