संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। एक माह से पंजाब के शंभू रेलवे स्टेशन पर धरना प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बृहस्पतिवार को स्टेशन से हटने का एलान कर दिया। इसके बाद रेल की पटरी को भी खाली करना शुरू कर दिया। लेकिन, इसके बाद भी ट्रेनों की लेट लतीफी में कोई सुधार नहीं आया। शुक्रवार को आधा दर्जन से अधिक ट्रेनें छह से बारह घंटे की देरी से झांसी पहुंचीं।
किसानों के धरना प्रदर्शन से दिल्ली, अमृतसर और कश्मीर की ओर जाने वालीं व इन स्टेशनों से झांसी, भोपाल, मुंबई और नांदेड़ को पहुंचने वालीं ट्रेनों का मार्ग एक माह से परिवर्तित कर संचालन किया जा रहा है। ऐसे में ट्रेनें 12 से 24 घंटे तक की देरी से चलीं। लेकिन, अब जब किसानों ने रेल ट्रैक को मुक्त कर दिया है तो भी ट्रेनों का संचालन ठीक नहीं हो पा रहा है। शुक्रवार को छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, चेन्नई संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, उत्कल एक्सप्रेस, योग नगरी ऋषिकेश एक्सप्रेस, झेलम एक्सप्रेस सहित दर्जन भर ट्रेनें अपने निर्धारित समय से छह से बारह घंटे की देरी से झांसी पहुंची। ऐसे में उन यात्रियों को सबसे अधिक समस्या का सामना करना पड़ा, जिन्होंने स्लीपर कोच में आरक्षण कराया था। झेलम एक्सप्रेस के यात्री किरण सेजवाल ने कहा कि ट्रेन 12 घंटे तक लेट चल रही है। गोरखपुर स्पेशल एक्सप्रेस के यात्री पंकज दुबे ने रेल मदद पर शिकायत दर्ज कराई कि उनकी ट्रेन 28 घंटे की देरी से चल रही है। ऐसी व्यवस्था का क्या लाभ जब यात्री समय पर मंजिल तक न पहुंच सकें। वहीं, रेलवे के पीआरओ ने बताया कि ट्रेनों का संचालन दिल्ली मंडल से ही प्रभावित है।
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इतनी देरी से पहुंची ट्रेनें
चेन्नई संपर्क क्रांति एक्सप्रेस 12:30 घंटे
छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस 12 घंटे
उत्कल एक्सप्रेस 8 घंटे
झेलम एक्सप्रेस 8 घंटे
योग नगरी ऋषिकेश एक्सप्रेस 8 घंटे
नांदेड़ एक्सप्रेस 7 घंटे
ताज एक्सप्रेस 7 घंटे
गोरखपुर स्पेशल एक्सप्रेस 7 घंटे
दुर्ग सुपरफास्ट 7 घंटे
छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस 6 घंटे
सचखंड एक्सप्रेस 6 घंटे
हुबली स्पेशल 6 घंटे
कुरुक्षेत्र एक्सप्रेस 6 घंटे
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