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‘सम्मान’ हासिल करने में छूटा किसानों का पसीना

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‘सम्मान’ हासिल करने में छूटा किसानों का पसीना
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झांसी। किसानों की आय बढ़ाने को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि शुरू हुई लेकिन आधार एवं बैंक खाते की चकरघिन्नी में फंसे किसानों को इसे हासिल करने में पसीना छूट रहा है। आधार कार्ड एवं बैंक खाते में गड़बड़ी होने से करीब 67 हजार किसानों तक तीसरी किस्त नहीं पहुंची। इसी तरह जनपद में करीब पांच हजार किसान ऐसे हैं, जिनके खाते में पहली ही किस्त नहीं पहुंची।
केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष नवंबर 2018 में पीएम किसान सम्मान निधि का एलान किया था। पहले लघु एवं सीमांत किसानों को ही शामिल किया गया लेकिन बाद में सभी किसान शामिल कर लिए गए। प्रत्येक किसान को प्रति माह पांच सौ रुपये दिए जाने थे। हर चार माह में दो हजार रुपये की किश्त किसान के खाते में भेजनी थी। लोस चुनाव से पहले सरकार ने दो किश्तें भेजी। इस साल की आखिरी किश्त भी पिछले माह भेज दी गई। पहली किस्त जहां 1,77,096 किसानों के खाते में भेजी गई वहीं तीसरी किश्त सिर्फ 1,16,100 किसानों के खाते तक ही पहुंच सकी। इस तरह करीब 67 हजार किसानों के खाते में आखिरी किस्त अब तक नहीं पहुंची। वहीं, पांच हजार किसान ऐसे भी हैं जिनके खाते में पहली-दूसरी किस्त भी नहीं आई। परेशान हाल किसान अब रोजाना सरकारी दफ्तरों के साथ बैंकों के चक्कर लगा रहे। कृषि अधिकारियों का कहना है इन किसानों में अधिकांश के आधार कार्ड एवं बैंक खाते मेें गड़बड़ी है।
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मामूली गड़बड़ी पर ही रोक दिए पैसे
जिनकी सम्मान निधि रोकी गई उनमें तमाम किसान ऐसे सामने आए जिनके आधार कार्ड एवं बैंक खाते में मामूली गड़बड़ी थी फिर भी खाते में रकम ट्रांसफर नहीं की गई।
मऊरानीपुर के मदरवास बांध निवासी सुरेंद्र कुमार के बैंक खाते एवं आधार कार्ड में लिखा नाम बिल्कुल ठीक था लेकिन उसमें महज एक स्पेस अधिक था, महज इस वजह से उनके खाते में पैसे नहीं दिए गए। रेवन गांव निवासी मिथिलेश कुमार के नाम में मामूली वर्तनी गलत होने से उनके खाते में रुपये नहीं आए जबकि दूसरे सभी विवरण सही थे। इसी तरह मामूली गड़बड़ियों पर ही सैकड़ों लाभार्थियों के खाते में रुपये नहीं भेजे गए। लोगों का दर्द है कि सरकार अगर वास्तव में राहत देना चाहती है तो उसे सभी बाधाएं हटवानी चाहिए। ग्रामीण लोग बहुत शिक्षित नहीं होते। उन्हें तकनीकी बारीकियों की भी जानकारी नहीं होती। सरकार के अधिकारियों को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए कि संबंधित औपचारिकताएं भी पूरी हो जाएं और संबंधित लोगों को योजना का लाभ भी मिल जाए। किसी भी सरकारी योजना की सफलता इस बात पर ही निर्भर करती है।
2020 से बिना आधार नहीं मिलेगी निधि
जिन किसानों के बैंक खाते आधार से लिंक नहीं होंगे उनको अगले वर्ष 2020 से किसान सम्मान निधि का मिलना मुश्किल होगा। कृषि अधिकारियों का कहना है अगले वर्ष से पैसा सिर्फ उन्हीं खातों में जाएगा, जिनके बैंक खाते आधार नंबर से लिंक होंगे। जिन खातों में आधार नहीं होगा, उनके खाते में अगले वर्ष से कोई किश्त नहीं जाएगी।
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कुल किसान- 183253
पहली किस्त- 177096
दूसरी किस्त- 156863
तीसरी किस्त- 116100
आधार एवं बैंक खाते में समानता न होने वाले किसानों के खातों में ही राशि नहीं गई। उसे सुधारने का काम चल रहा है। 12 नवंबर तक पात्र किसानों के खातों की असमनाताएं दूर कर ली जाएंगी।
कृषि उप निदेशक
कमल कटियार
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