झांसी। कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों का आंदोलन जोर पकड़ रहा है। रविवार को लगातार सातवें दिन गांधी उद्यान में किसानों का धरना जारी रहा। प्रदर्शनकारियों के लिए रसोई बनी और उन्होंने चूल्हे पर पूड़ियां बनाकर खाई।
रविवार को किसान कड़ोरे, प्यारेलाल, लखनलाल, काशीप्रसाद एवं खूबचंद धरने पर बैठे। धरने पर बैठने से पहले किसान नेता गौरीशंकर विदुआ ने उनका माल्यार्पण करते हुए सरकार के कृषि कानूनों की निंदा की। कहा, सरकार कुछ उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए किसानों को गिरवी रखने का काम कर रही, लेकिन यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने 29 दिसंबर को होने वाली वार्ता को महत्वपूर्ण बताते हुए सरकार से संवदेनशीलता बरतने की मांग की। अन्य वक्ताओं ने भी फसल बीमा, गोशाला की स्थिति दुरुस्त करने, निर्माणाधीन बांधों के लिए मुआवजा राशि वितरित करने की मांग की। इस दौरान महेंद्र राजपूत, जोरी, मुन्ना चौधरी, परमलाल, अमर सिंह, पप्पू पाल, हीरा बाई, सावित्री, भगवती देवी, राजकुमारी समेत अन्य उपस्थित थे।