झांसी। कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी) आलोक सिन्हा ने किसानों की दशा सुधारने के लिए कृषि की सालाना योजना तैयार करने की जरूरत बताई है। एपीसी ने कहा सालाना फसल चक्र तय होने से किसानों को भी फायदा होगा। बड़ी संख्या में किसान फसल चक्र तय न होने की वजह से उसका लाभ नहीं उठा पाते।
राज्य स्तरीय वर्चुअल जायद उत्पादकता गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए एपीसी ने उन फसलोें को आगे बढ़ाने पर जोर दिया, जिनसे किसानों की आय बढ़े। कहा, सामान्य तौर पर सामने आया है कि किसान फसल चयन नहीं कर पाते। उनकी मदद की जाए। पानी न होने पर जायद की फसल नहीं हो पाती। बुंदेलखंड में ड्रिप इरीगेशन स्प्रिकंलर के साथ ही खेत तालाब योजना का प्रयोग बढ़ाया जाए। अधिक पानी वाली फसलों का चयन न किया जाए। कृषि विश्वविद्यालय को भी किसानों की दशा सुधारने के लिए आगे आना चाहिए। एपीसी ने एफपीओ को आगे बढ़ाने के लिए गेहूं खरीद से जोड़ने के निर्देश दिए। वर्किंग कैपिटल वाले एफपीओ को प्रोसेसिंग यूनिट के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही। अपर मुख्य सचिव देवेश चतुर्वेदी ने कहा जनपदों में ही कंपनी से सोलर पंप मरम्मत कराने की बात कही। मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा ने बताया जायद के लिए 36379 हेक्टेयर लक्ष्य तय किया गया है। इसमेें उड़द 80 हेक्टेयर, मूंग 574 हेक्टेयर, हरा चारा 280 हेक्टेयर एवं सब्जियों का रकबा 35438 हेक्टेयर है। मंडलायुक्त ने सोलर पंप का लक्ष्य बढ़ाने की जरूरत बताई। कहा, किसानों को मेंथा की खेती न करने के लिए जागरूक किया जा रहा। मेंथा में पानी की अधिक आवश्यकता होती है, उससे भूगर्भ जल में कमी आती है। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी शैलेष कुमार, जेडीसी मिथिलेश सचान, संयुक्त कृषि निदेशक एसएस चौहान, डीआर कापरेटिव उदयभान, अधिशासी अभियंता बेतवा उमेश कुमार समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
गेहूं खरीद को इस दफा लक्ष्य तय नहीं
एपीसी आलोक सिन्हा ने गेहूं खरीद की तैयारियों पर चर्चा करते हुए कहा इस बार के लिए गेहूं खरीद का कोई लक्ष्य तय नहीं किया गया है लेकिन, उन्होंने उम्मीद जताई की गेहूं की रिकॉर्ड खरीद होगी। कहा, क्रय केंद्रों की संख्या तय कर दी गई है। कम होने पर इसे बढ़ाया भी जा सकता है। गेहूं के भंडारण के लिए भी तैयारी पहले से रखने को कहा। जिला प्रशासन ने इस बार 146 गेहूं क्रय केंद्र खोले जाने की बात बताई।