फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दस साल से माइनर में नहीं आया पानी, किसान बदहाल

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। मानसून बुंदेलखंड को अक्सर दगा दे जाता है। इस साल भी बारिश का आंकड़ा सामान्य तक नहीं पहुंच पाया। कम बारिश की वजह से तमाम इलाकों में भूगर्भ जल भी उपलब्ध नहीं हो पाता है। जमीन के नीचे पत्थर होने की वजह से पानी की समस्या और गहराई हुई है। ऐसे में किसान सिंचाई के लिए नहरों पर ही निर्भर हैं। लेकिन, कई ग्रामों तक पानी की ये व्यवस्था भी नहीं है। गरौठा क्षेत्र के आठ गांवों में सिंचाई के लिए पानी का सहारा भसनेह माइनर है। लेकिन, इसमें पिछले दस सालों से पानी नहीं आया है। ऐसे में इस क्षेत्र में बदहाली छाई हुई है।
विज्ञापन

गरौठा क्षेत्र के ग्राम डोडिया, करगुवां बुजुर्ग, आमली, टोड़ी, बछेह, भसनेह, हैवतपुरा व आसपास के अन्य गांवों की खेती भसनेह माइनर के पानी पर निर्भर है। लेकिन, इस माइनर में पिछले दस सालों से पानी नहीं आया है। इसके अलावा भूगर्भ जल का स्तर नीचे खिसकने की वजह से ज्यादातर बोरिंग से भी पानी नहीं मिल पा रहा है। बारिश पहले ही किसानों से दगाबाजी कर चुकी है। पानी की कमी की वजह से तमाम किसान तो रबी की बुवाई से पहले पलेवा तक नहीं कर पाए हैं। क्षेत्र के लोग पानी की मांग को लेकर लगातार सिंचाई विभाग व प्रशासन के अधिकारियों का दरवाजा खटखटा रहे हैं। लेकिन, उन्हें आश्वासन ही मिल रहे हैं, पानी नहीं मिल पाया है। इस समस्या से क्षेत्र के तीन हजार से अधिक किसान बुरी तरह से प्रभावित हैं।
पहले नहर में पानी आता था, लेकिन पिछले दस सालों से नहर ने किसानों का साथ छोड़ रखा है। क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था का बुरा हाल है। नहर में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जानी चाहिए।
विज्ञापन

- राजकुमार द्विवेदी
बारिश पर्याप्त हुई नहीं है। भूगर्भ जल का स्तर नीचे है। ऐसे में बोरिंग से भी पानी नहीं मिल पा रहा है। क्षेत्र के किसान परेशान हैं। पानी टेल तक पहुंचे, इसकी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।
- मथुरा प्रसाद कुशवाहा
पिछले दस सालों से समस्या चली आ रही है। लेकिन, सुनवाई नहीं हो रही है। पानी की कमी का सीधा असर उत्पादन पर पड़ता है। पूरी लागत और मेहनत के बाद भी अच्छी उपज नहीं मिल पाती है।
- श्यामलाल कुशवाहा
हमारे गांवों में पानी पहुंचाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। लेकिन, व्यवस्था नहीं हो रही है। क्षेत्र की ये बड़ी समस्या है। इसका स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।
- अशोक श्रीवास
पूरे जिले में सबसे कम बारिश हमारे क्षेत्र में हुई है। ऐसे में बोरिंग तक नहीं चल रही है। माइनर के माध्यम से किसानों को पानी उपलब्ध कराकर समस्या का समाधान किया जाए।
विज्ञापन

- सुरेंद्र पाल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें