झांसी। कोविड काल में कंपनियों की मदद के लिए शुरू हुई आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना में करोड़ों रुपये के घपले का मामला सामने आया है। पड़ताल में पता चला कि उस दौरान फर्जी कंपनियां बनाकर जालसाजों ने पीएफ की रकम हड़प ली। झांसी में चालीस मामले फर्जी पाए गए। अब इनकी पीएफ प्रवर्तन दल तलाश करने में जुटा है।
कर्मचारियों के खाते में पीएफ अंशदान देने में औद्योगिक इकाईयों की मदद करने के लिए दो वर्ष पहले केंद्र सरकार ने आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना आरंभ की थी। इसमें 24 फीसदी अंशदान केंद्र सरकार की ओर से किया जाना था। जालसाजों ने इसका फायदा उठाते हुए फर्जी कंपनी बना डाली। शिकायत होने पर कानपुर स्थित क्षेत्रीय कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने जांच शुरू कराई। इसमें झांसी के भी चालीस मामले पाए गए हैं। इस तरह के मामले सामने आने के बाद इन कपंनियों को संदिग्ध की सूची में डालकर इनकी जांच प्रवर्तन दल को सौंप दी गई है। जल्द ही प्रवर्तन दल इनकी जांच करने झांसी आएगा। भविष्य निधि अफसरों का कहना है कि इन इकाईयों का निरीक्षण भी कराया जाएगा।