अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बबीना के नया खेड़ा गांव स्थित इंडो गल्फ फैक्टरी में विस्फोट इतना जोरदार था कि उसके एक हिस्से की छत उड़ गई। भीषण विस्फोट की आवाज सुनकर करीब दस किलोमीटर का पूरा इलाका दहल उठा। स्थानीय लोगों का कहना है कि आवाज और धमक की वजह से भूकंप का आभास हुआ। लोग जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागे। विस्फोट इतना सशक्त था कि फैक्टरी से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर गांव में घरों की दीवारों तक में दरार आ गई।
सुकुवां रोड स्थित फैक्टरी के पास में ही नया खेड़ा समेत कई गांव हैं। स्थानीय निवासी संजीव यादव समेत अन्य लोगों ने बताया बारिश के बीच ही फैक्टरी से भीषण धमाके की आवाज आई। वह लोग बबीना टोल प्लाजा के पास मौजूद थे। वहां तक तेज आवाज सुनाई दी। नया खेड़ा गांव के लोगों का कहना है कि तेज आवाज के साथ धुएं का गुबार उठा। चारों ओर धुआं छा गया। आग की लपटें उठ रही थीं। इस वजह से निकलकर बाहर की ओर भागे। भागदौड़ में कई लोग गिरकर चुटहिल भी हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्टरी में भारी विस्फोटक परीक्षणों के कारण अक्सर ही उनके घरों में दरारें आ जाती हैं। बच्चे धमाकों से डरे हुए हैं। उनका कहना है कि कंपनी की ओर से ब्लास्टिंग के कारण उनके मवेशी भी घायल हो जाते हैं। इसके लिए उनको कोई मुआवजा नहीं मिलता। इस घटना के बाद से स्थानीय लोग और भी डर गए हैं।
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सील की गई फैक्टरी, आगरा से टीम आकर करेगी मुआयना
भीषण विस्फोट के चलते फैक्टरी का एक हिस्सा पूरी तरह जमींदोज हो गया। विस्फोट के बाद आग लगने से फैक्टरी के आसपास बिजली गुल हो गई। फैक्टरी के अंदर भारी मात्रा में विस्फोटकों के होने की आशंका के चलते किसी को भी अंदर जाने नहीं दिया गया। पुलिस ने करीब सौ मीटर दूर ही लोगों को रोक दिया। पुलिस अफसरों का कहना है कि फैक्टरी में खदान में इस्तेमाल होने वाली जिलेटिन छड़ बनाई जाती थी। ऐसे में काफी मात्रा में विस्फोटकों के अंदर होेने की आशंका है। इसको देखते हुए पुलिस ने फैक्टरी की ओर आने वाले रास्ते को पूरी तरह से सील कर दिया। विस्फोट होने की सूचना आगरा स्थित पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन को भेजी गई है। अब वहां से टीम के आने के बाद ही सील खोली जाएगी। टीम अंदर जाकर पूरी घटना का मुआयना करेगी। टीम यहां के सुरक्षा इंतजाम को भी परखेगी।
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बबीना में पहले भी कई बार हो चुके विस्फोट में जान गवां चुके लोग
इंडो गल्फ फैक्टरी में विस्फोट के बाद हुई मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी विस्फोट में कई बार जान जा चुकी है। बबीना के टूका गांव में पांच साल पहले विस्फोट से दो लोगों की मौत हो चुकी। इसके पहले 3 मार्च 2019 को भी बबीना के कोटी चमरोआ गांव में रहने वालीं फूलन देवी के घर अचानक विस्फोट के चलते उसकी जान चली गई थी। इस तरह की कई घटनाएं इलाके में आसपास भी हो चुकी है। हालांकि, उस समय छानबीन में मालूम चला था कि बबीना फायरिंग रेंज के पास कई पुराने गोले ग्रामीण उठा लाते। इसके बाद धोखे में इस तरह की घटनाएं हो रही थीं।
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परिवार का इकलौता बेटा था नवल
फैक्टरी में विस्फोट के बाद जान गंवाने वाला बबीना के शास्त्रीनगर निवासी नवल किशोर परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में रोना-पिटना मच गया। परिजनों ने बताया कि नवल के बड़े भाई कमल की कई साल पहले मौत हो चुकी। परिवार में पत्नी मालती समेत दो छोटे-छोटे बच्चे हैं।