बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में जनरेटर के मरम्मत कार्य का ज्यादा भुगतान कराने की कोशिश का मामला सामने आया है। मामले की जांच कर रही कमेटी को दो कर्मचारियों की संलिप्तता की आशंका है।
विश्वविद्यालय में कुछ समय पहले जनरेटर मरम्मत का काम कराया गया था। इसके लिए 2.14 लाख रुपये की स्वीकृति ली गई थी। जब काम हुआ तो 2,36,560 रुपये की फाइल बनाई गई। इसको भुगतान के लिए बढ़ाया गया। वित्त विभाग में बिल बाउचर पर आहरण वितरण की जब मुहर लगाकर फाइल को बढ़ाया गया तो भुगतान की राशि बढ़कर 2,79,140 हो गई। वित्त अधिकारी ने भुगतान में अंतर देखकर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। बाद में मामले के लिए जांच कमेटी गठित कर दी गई। शनिवार को जांच कमेटी की बैठक हुई। कमेटी के सदस्यों ने हर प्रकरण की गंभीरता से जांच पड़ताल की तो 42,580 रुपये का हेरफेर की कोशिश की पुष्टि हो गई। सूत्रों ने बताया कि इस मामले में जांच कमेटी को अभियंत्रण और वित्त विभाग के एक-एक कर्मचारी पर फर्जीवाड़े से भुगतान कराने की कोशिश में संलिप्तता होने की आशंका लग रही है। जल्द ही कमेटी जांच रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपेगी।