झांसी। वित्तीय कमी के चलते अधर में लटके कोटरा पुल के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। पुल निर्माण के लिए सरकार ने 53 करोड़ की स्वीकृति दे दी है। यह पुल जालौन और झांसी का मुख्य जोड़ है। पुल के तैयार होते ही यहां के लोग सीधे एक्सप्रेस-वे से जुड़ जाएंगे और दिल्ली और लखनऊ की सीधी पहुंच में आ जाएंगे। गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत ने पुल निर्माण के लिए विधानसभा में मुद्दा उठाया था।
कोटरा पुल निर्माण के लिए 3583.24 लाख रुपए स्वीकृत थे, लेकिन वित्तीय अभाव में निर्माण कार्य रुक गया था। विधायक बनने के बाद जवाहर राजपूत ने कोटरा पुल का मुद्दा विधानसभा में उठाया। उन्होंने बताया कि पुल का निर्माण 2011 में शुरू हुआ था, लेकिन पिछली सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया। वित्तीय कमी का शिकार बनकर यह अधूरा रह गया। पुल न तैयार होने से गुरसरांय, उरई, गरौठा, मऊरानीपुर आदि क्षेत्रों के लोगों को लंबी दूरी तय करके जालौन, कानपुर, लखनऊ पहुंचना पड़ता है।
2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद इस पर ध्यान दिया गया। उन्होंने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से पुल के लिए बजट जारी करने का निवेदन किया। अब भाजपा सरकार ने 53 करोड़ रुपये बजट स्वीकृत करने की अनुमति दे दी है। पुल के तैयार होते ही यहां के लोग सीधे एक्सप्रेस वे से जुड़ जाएंगे और दिल्ली, लखनऊ की सीधी पहुंच में आ जाएंगे। अभी गुरसराय-गरौठा के लोगों को पूंछ होकर जाना पड़ता है, जो कि 50 से 100 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर है। विधायक ने पुल की स्वीकृति पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य का आभार जताया है।