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एक्सपो से डिफेंस कॉरिडोर की तस्वीर साफ होने की उम्मीद

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झांसी। लखनऊ में बुधवार से शुरू हुए डिफेंस एक्सपो में झांसी में बनने वाले डिफेंस कॉरिडोर की तस्वीर साफ होने की उम्मीद लगी हुई है। एक्सपो में रक्षा उपकरण बनाने वाली कई विदेशी कंपनियों का जमावड़ा लगा हुआ है। इन कंपनियों को यहां इकाइयां लगाने के लिए आमंत्रण दिया जाएगा। यहां जमीन अधिग्रहण का काम अंतिम दौर में पहुंच चुका है।
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लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को डिफेंस एक्सपो की शुरुआत की। इसमें सेना के रक्षा उपकरण, वाहन, फाइटर प्लेन व अन्य सामग्री बनाने वाली कई देशों की लगभग तीन दर्जन कंपनियों ने हिस्सा लिया है। डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना की दृष्टि से लखनऊ के मेले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश के छह जिलों से ये कॉरिडोर गुजरना है। लेकिन, इनमें से सबसे ज्यादा जमीन यहां अधिग्रहीत की जा रही है। यहां 5597.102 हेक्टेअर जमीन पर कॉरिडोर विकसित किया जाना है। जमीन अधिग्रहण का काम अंतिम दौर में पहुंच चुका है।
ऐसे में देसी - विदेशी कंपनियों को डिफेंस कॉरिडोर में औद्योगिक इकाइयां लगाने के लिए सबसे पहले झांसी का आमंत्रण दिया जाएगा। यहां केवल इकाई ही नहीं लगाई जाएंगी, बल्कि तोप जैसी हथियारों के परीक्षण के लिए फील्ड फायरिंग रेंज भी विकसित की जाएगी। इसके लिए भी यहां जमीन की पर्याप्त उपलब्धता भी है। उद्योग विभाग के उपायुक्त सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना की दृष्टि से झांसी में अनुकूल स्थिति बनी हुई है। जमीन की पर्याप्त उपलब्धता है और जमीन अधिग्रहण काम काम भी अंतिम दौर में है। ऐसे में डिफेंस एक्सपो में शामिल हुई कंपनियों को यहां इकाइयां स्थापित करने के लिए आमंत्रण दिया जाएगा। कई कंपनियों के प्रतिनिधि यहां स्थलीय निरीक्षण भी कर सकते हैं।
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इन गांवों में होनी है स्थापना
डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना के लिए गरौठा तहसील के ग्राम गेंदा कबूला, कठर्री, गोरा, जुझारपुरा, ठहरका, हरदुवा, शैतानपुरा, कामेरा व झबरा तथा टहरौली तहसील के ग्राम शमशेरपुरा, बेंदा, पथरेडी, सुरवई व देवरा सारन में होनी है।
यह होगा निर्माण
डिफेंस कॉरिडोर में बुलेट प्रूफ जैकेट, गोली, बंदूक, नट-बोल्ट समेत सेना के उपयोग में आने वाले अन्य रक्षा उपकरणों का निर्माण होगा। यहां पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल और निजी के साथ-साथ सरकारी इकाइयां भी स्थापित होंगी।
बेरोजगारों को मिलेगा प्रशिक्षण
डिफेंस कॉरिडोर में लगने वाले उद्यमों में एक लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है। यहां तकनीकी डिग्री/डिप्लोमाधारकों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा अकुशल लोगों के प्रशिक्षण के लिए केंद्र खोेले जाएंगे, जिनमें उन्हें प्रशिक्षण देकर उद्यमों में रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
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कॉरिडोर में यह भी होगा
कॉरिडोर में स्थित इकाइयों में काम करने वाले कर्मचारियों के टाउनशिप विकसित की जाएगी। इसके अलावा सिनेमाघर, बाजार, स्कूल, रेस्टोरेंट भी बनेंगे।
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